पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज के आवासीय क्वार्टर में गुरुवार दोपहर अचानक लगी आग ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी. हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक एक फ्लैट से जोरदार धमाके की आवाज आई और देखते ही देखते काला धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया. आग की शुरुआत मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अनुरण भादुरी के फ्लैट से हुई. उस समय वो अस्पताल में ड्यूटी पर थे. डॉक्टर भादुरी ने कहा, 'मुझे अस्पताल में बताया गया कि मेरे फ्लैट में आग लगी है. जब तक मैं पहुंचा, सबकुछ जल चुका था. कीमती दस्तावेज, फर्नीचर और सामान पूरी तरह नष्ट हो गए. उन्होंने कहा कि आशंका है आग शॉर्ट सर्किट से लगी है.'

वहां रहने वाले अन्य लोगों का आरोप है कि आवासीय परिसर में सालों से फायर एक्सटिंग्विशर का न तो रिफिल कराया गया और न ही उनका मेंटनेंस किया गया. ऐसे में आग लगने के बाद शुरुआती नियंत्रण के लिए कोई साधन मौजूद नहीं था. लोग पूरी तरह असहाय होकर दमकल विभाग का इंतजार करते रहे.
लाखों का सामान जलकर खाक
सूचना मिलते ही दुर्गापुर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन दमकलकर्मियों को पानी की कमी की वजह से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
दुर्गापुर अग्निशमन विभाग के अधिकारी पुर्णेंदु भौमिक ने कहा, 'कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और कोई हताहत नहीं हुआ. अगर फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता समाप्त हो चुकी थी तो इसकी जांच की जाएगी और कार्रवाई होगी.