
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुए तिहरे हत्याकांड की जांच-पड़ताल जारी है. इस बीच मृतक मंसूर उर्फ भूरा और उसकी फैमिली के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. वारदात में पत्नी और बेटे सहित मारे गए मंसूर और उसकी फैमिली का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास है. जहां मृतक मंसूर पर चोरी और गोकशी सहित 6 मुकदमे दर्ज हैं वहीं, उसके बड़े बेटे चांद पर 6 केस दर्ज हैं. एक मुकदमे में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो रखा है.
इसके अलावा मंसूर उर्फ भूरा के हिस्ट्रीशीटर बेटे जहूर पर गैंगस्टर और गोकशी सहित कुल 9 मामले दर्ज हैं. मंसूर के तीसरे बेटे मतलूब पर कुल 12 केस हैं. वह भी हिस्ट्रीशीटर है. वर्तमान में मतलूब हत्या के मामले में जेल में बंद है. वहीं, बेटे याकूब और पत्नी की हत्या हो चुकी है. बेटी शादी के बाद से ससुराल में है.
घर में 3 लोग, मौके से मिली 6 जोड़ी चप्पल
गौरतलब है कि हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को मंसूर के घर के अंदर 6 जोड़ी चप्पल मिली है. जबकि, घटना के वक्त घर पर सिर्फ तीन लोग थे. ऐसे में मौके पर 6 जोड़ी चप्पल मिलना शंका पैदा कर रहा है. साथ ही इस ओर इशारा कर रहा है कि हत्यारों की संख्या 5-6 के आसपास रही होगी. दरअसल, तीन जोड़ी चप्पल तो बरामदे में सलीके के साथ रखी थीं लेकिन बाकी की तीन जोड़ी चप्पल घटनास्थल के पास पड़ी मिली, जिन्हें पुलिस ने सबूत के तौर पर अपने कब्जे में ले लिया है.

गरीबी में जी रहा था परिवार
मंसूर का परिवार किस कदर मुफलिसी से गुजर रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि जब पुलिस घर की तलाशी ले रही थी तो खाने-पीने का कोई भी समान नहीं मिला. ऐसा लगता है कि मंसूर खाने के लिए रोज सामान खरीद कर लाता था और उसी से गुजारा करता था. परिवार की जिंदगी रोज कमाने और रोज खाने में गुजर रही थी.
पड़ोसी के यहां से बिरयानी लाया था बेटा
मृतक मंसूर की मां हसीना ने बताया कि पड़ोस के घर में कोई कार्यक्रम था. वहां पर डीजे बज रहा था. उस डीजे पर याकूब (मंसूर के बेटे) ने काफी देर तक डांस किया था. फिर वहां से खाने के लिए काफी सारी बिरयानी लेकर आया था. सबने वही बिरयानी खाई और रात में सो गए. वहीं, घर की सीढ़ियों पर कटी हुई सब्जी रखी थी, जिसे सुबह बनाया जाना था. लेकिन मंसूर, उसकी पत्नी और बेटा याकूब सुबह का सूरज नहीं देख पाए. किसी ने धारदार हथियार से उन तीनों की निर्मम हत्या कर दी.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंसूर, उसकी पत्नी और बेटे की हत्या में नामजद फुरकान ऊर्फ पहिया 10 दिन पहले ही मकान बेचकर काशीराम कॉलोनी में जाकर रहने लगा था. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि फुरकान ने जल्दबाजी में ₹200000 कम में अपना मकान बेच दिया था और मकान बेचने के बाद मंसूर के परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी थी.
फुरकान का भी अपराधिक इतिहास है. उस पर हत्या समेत 6 मामले दर्ज हैं. साल 2007 में वह एक मर्डर केस में जेल भी जा चुका है. इसके अलावा फुरकान पर मारपीट के चार मामले अलग दर्ज हैं. अपने से 20 साल छोटी युवती से जबरन निकाह करने का मामला भी उसके खिलाफ थाना कोतवाली में दर्ज है.