मैक्सिको दुनिया का सबसे बड़ा बीयर निर्यातक देश है. इसकी सबसे लोकप्रिय बीयरों में से एक केवल देश के भीतर ही मिलती है और वो भी सिर्फ क्रिसमस के दौरान कुछ साल में कुछ ही हफ्तों या 12-15 दिनों के लिए ही उपलब्ध होती है.
बीबीस की रिपोर्ट के मुताबिक, कई देश अपने खास क्रिसमस ड्रिंक्स के लिए जाने जाते हैं. प्यूर्टो रिको का क्रीमी और मीठा कोकीटो मशहूर है. जर्मनी में मसालेदार और गरमागरम ग्लुह्विन (मल्ड वाइन) मिलती है. वहीं मैक्सिको में माल्ट से बनी बॉक-स्टाइल की बीयर पीने का रिवाज है.
मैक्सिको में क्रिसमस की छुट्टियों में ही ये खास बीयर उपलब्ध होती है. इसका नाम ' नोचे बुएना' है. इसका मतलब होता है - 'पवित्र रात' या 'क्रिसमस की पूर्व संध्या'. यह लोकप्रिय बीयर पारंपरिक रूप से छुट्टियों से कुछ ही हफ़्ते पहले बिकनी शुरू होती है. इसके अलावा पूरे साल ये उपलब्ध नहीं होती है. क्रिसमस पर भी यह सिर्फ मैक्सिको में उपलब्ध होती है.
इस बीयर के मिलने का मतलब है क्रिसमस की छुट्टी
'Tequila!: Distilling the Spirit of Mexico' की लेखिका मैरी सरिता गैटन कहती हैं कि
हर सर्दियों में मेरिडा से लेकर मॉन्टेरी और मैक्सिको सिटी तक, जब गहरे लाल रंग के नोचे बुएना के डिब्बे सुपरमार्केट्स में दिखाई देने लगते हैं, तो यह छुट्टियों की अनौपचारिक शुरुआत मानी जाती है. इस बीयर के दिखने का मतलब है मैक्सिको में क्रिसमस की छुट्टी शुरू हो चुकी है.
भुनी हुई कॉफी के स्वाद और 5.9% अल्कोहल की मात्रा के साथ, यह गहरे भूरे रंग की बीयर मैक्सिको की कई फेमस लेजर बीयरों से अलग है. यह बात हेनेकेन मेक्सिको की ब्रांड मैनेजर कार्ला गोंजालेज कहती हैं, जो अब मोक्टेज़ुमा ब्रूअरी की मालिक हैं, जहां नोचे बुएना पहली बार बनाई गई थी. हाल के वर्षों में, कंपनी ने इसकी बिक्री का समय अक्टूबर के अंत से बढ़ाकर जनवरी की शुरुआत तक कर दी है.
जर्मनी से कैसे मैक्सिको पहुंची ये बीयर
मैक्सिकन बीयर विशेषज्ञ गुइलेर्मो यसुसी के लिए, नोचे बुएना का मतलब हमेशा से क्रिसमस रहा है. वे कहते हैं कि दिसंबर के उन हफ्तों में यह एक बहुत ही पारंपरिक पेय है. यह समझना जरूरी होगा कि जर्मन मूल की एक दमदार बीयर मैक्सिको में क्रिसमस की पसंदीदा ड्रिंक कैसे बन गई. इसके लिए बीयर के साथ देश के रिश्ते को समझना होगा.
2010 से, मैक्सिको दुनिया का सबसे बड़ा बीयर निर्यातक देश रहा है. इसकी 6.8 अरब डॉलर की वार्षिक अंतरराष्ट्रीय बिक्री, दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें सबसे बड़े बीयर निर्यातक देशों की कुल बिक्री से भी अधिक है. मैक्सिकोवासी भी इसका भरपूर सेवन करते हैं. यहां औसतन प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 65 लीटर खपत होती है. फिर भी, मैक्सिको का बीयर के प्रति प्रेम पिछले 100 वर्षों में ही पनपा है.
19वीं सदी के अंतिम सालों और 20वीं सदी के शुरुआती वर्षों में, औद्योगीकरण ने जर्मनी में पारंपरिक बीयर कारखानों को तबाह कर दिया गया, जो यूरोप में बीयर का सबसे बड़ा उत्पादक था. विस्थापित हुए कई बीयर निर्माताओं ने इसके बाद बीयर बनाने का एक अभियान शुरू किया. 'हॉप्ड अप: हाउ ट्रैवल, ट्रेड एंड टेस्ट मेड बीयर ए ग्लोबल कमोडिटी ' पुस्तक के लेखक जेफरी पिल्चर बताते हैं कि वे दुनिया भर में घूम-घूमकर कारखाने स्थापित करने लगे. ऐसा ही एक स्थान मैक्सिको था.
क्या है इस क्रिसमस ड्रिंक्स की उत्पत्ति का इतिहास
जर्मनी के पारंपरिक बीयर बनाने वालों ने छोटे पैमाने की ब्रुअरीज़ पूरे मैक्सिको में खोल दी. इसी दौरान 1875 में, स्विस ब्रुअर सैंटियागो ग्राफ ने लेगर की शुरुआत की. टोलुका ब्रुअरी ने 1906 में विक्टोरिया सहित कई प्रकार की बीयर का उत्पादन शुरू किया, जो अब मैक्सिको की सबसे पुरानी अब तक बिकने वाली बीयर है.
आगे 20वीं शताब्दी की शुरुआत से ठीक पहले मैक्सिको में विशेष रूप से मॉन्टेरी में विशाल सेर्वेसेरिया कुआउतेमोक और वेराक्रूज के ओरिज़ाबा में सेर्वेसेरिया मोक्टेज़ुमा ब्रुआरिज ने उत्पादन शुरू किया. यही मोक्टेजुमा बाद में नोचे बुएना का घर बन गया.
ऐसे सबके लिए उपलब्ध हो सकी नोचे बुएना
बताया जाता है कि 1924 में, जर्मन मास्टर ब्रूअर ओटो न्यूमायर ने यूरोपीय क्रिसमस परंपरा के अनुसार, अपने और अपने दोस्तों के लिए वेराक्रूज में एक विशेष क्रिसमस हाउस रिजर्व के रूप में बीयर बनाई, और बाद में इसे सहकर्मियों और उनके परिवारों के साथ साझा किया. यह मैक्सिको की पहली बॉक बीयर थी और इसके तीव्र और अनोखे स्वाद की चर्चा दूर-दूर तक फैल गई.
1938 में, ओरिजाबा ब्रूअरी ने नोचे बुएना को छुट्टियों के मौसम में एक विशेष पेय के रूप में जनता के लिए जारी करने का निर्णय लिया - इसीलिए इसका नाम क्रिसमस से प्रेरित है. तब से यह परंपरा कायम है.