गुजरात के कच्छ में 300 से ज्यादा सांडे छिपकलियों की हत्या का मामला सामने आया है. जिन छिपकलियों की मौत हुई है उनका इस्तेमाल मर्दानगी बढ़ाने के लिए किया जाता है और उनका तेल बनाया जाता है.
(Photos: File)
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दरअसल, गुजरात के भुज तहसील में घासिया मैदान में एक साथ 250 से 300 सांडे की हत्या का मामला सामने आया है, जिसको लेकर सनसनी फैल गई है. मामला सामने
आने के बाद वन विभाग भी अचरज में पड़ गया है.
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जानकारी के मुताबिक
कच्छ बन्नी के घसिया मैदान में सांडे को उनके बिल में से निकालकर हत्या कर
दी गई है, जिसका आंकड़ा 300 के पार है. यह दावा स्थानीय शख्स रितेश पोकर कर
रहे हैं, जो इस इलाके में सांडे के संरक्षण के लिए काम करते हैं.
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सांडे
एक ऐसा जीव है जिसमें से एक खास प्रकार का तेल पाया जाता है. इस तेल का
इस्तेमाल हड्डियों जुड़ी कई बीमारियों और मर्दानगी बढ़ाने के लिए किया जाता
है.
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सांडे के तेल में से एफ्रोडिसिया नामक रसायन होता है जो काफी
उपयोगी होता है, ऐसी लोकमान्यता है कि इसके अलावा इसे बैल को खिलाने से
उसकी भी ताकत बढ़ाई जा सकती है.
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ये मामला काफी गंभीर बताया जा रहा है, फिलहाल
इसके पीछे किसका हाथ है, ये कुछ पता नहीं चल पाया है, यह बताया जा रहा है कि
बिना प्लानिंग के और कोई स्थानीय सपोर्ट के इतने बड़े पैमाने पर ये नहीं किया
जा सकता है.
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यह भी आश्चर्य की बात है क्योंकि जिस घासिया मैदान में
सांडे के बिल को खोदकर उन्हें निकाल कर मारा गया है, वहां बिल के ऊपर सूखे
गोबर को रख दिया गया है.
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सांडे की हत्या के मामले में वन्य जीव
संरक्षण अधिनियम के तहत ये सांडा (छिपकली अनुसूची-2 वर्ग 1) में समाविष्ट
होता है और इसके तहत 7 साल की कैद और 2500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.