scorecardresearch
 

Cryptocurrency को नहीं किया जा सकता है पूरी तरह से बैन, जानें क्या है वजह

भारत में क्रिप्टो बैन होने के बाद इनवेस्टर्स के पास दो प्राइमरी ऑप्शन्स बचेंगे. इसमें एक ऑप्शन करेंसी को बेचना है. हालांकि, इसे पूरी तरह से बैन नहीं किया जा सकता है.

(Photo : Getty) (Photo : Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत में क्रिप्टो बैन होने के बाद इनवेस्टर्स के पास दो प्राइमरी ऑप्शन्स बचेंगे
  • डिजिटल करेंसी को पूरी तरह से बैन नहीं किया जा सकता है

भारत सरकार जल्द Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency बिल लाने वाली है. इस बिल को इसबार शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा. रिपोर्ट्स के अनुसार इस बिल के जरिए ऑफिशियल डिजिटल करेंसी जारी करने का फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा. ये भी बताया जा रहा है कि सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को बैन कर दिया जाएगा.

हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी टेक्नोलॉजी और इसके यूज को प्रोमोट करने के लिए कुछ छूट भी जा सकती है. माना जा रहा है कि सरकार क्रिप्टो को करेंसी ना मानकर इसे शेयर, गोल्ड या बॉन्ड की तरह एसेट मान सकती है. 
क्रिप्टो में कितने लोगों ने इसमें रुपये लगा रखे हैं इसको लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी उपलब्ध नहीं है.  एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 15 मिलियन से 20 मिलियन लोगों ने क्रिप्टो में इनवेस्ट कर रखा है. इनसभी की क्रिप्टो होल्डिंग लगभग 40,000 करोड़ रुपये की है. 

भारत में क्रिप्टो बैन होने के बाद इनवेस्टर्स के पास दो प्राइमरी ऑप्शन्स बचेंगे. इनवेस्टर्स अपनी करेंसी को बेच सकते हैं या वो क्रिप्टो एसेट्स को करेंसी एक्सचेंज के वॉलेट में रख सकते हैं. वो लोग जो बैन के बाद भी डिजिटल करेंसी को रखना चाहते हैं वो अपने क्रिप्टो एसेट्स को सेल्फ कस्टडी वॉलेट्स में रख सकते हैं.

ये डिजिटल डिवाइस micro SD की तरह काम करते हैं. सेल्फ कस्टडी डिवाइस जैसे Ledger, Trezor, SafePal और BitLox इनवेस्टर्स के प्राइवेट Bitcoin key या keys को स्टोर करके रखते हैं. पाबंदी लगने के बाद आप इन वॉलेट्स को वो विदेश में रह रहे अपने फैमली मेंबर या फ्रेंड को भेज सकते हैं. 

यहां एक समझने वाली बात ये है कि अगर सरकार क्रिप्टोकरेंसी को बैन करती है तो ये इनवेस्टर्स को अपने एसेट्स बेचने के लिए कुछ महीनों का समय दिया जा सकता है. 

क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह से बैन संभव नहीं

डिजिटल करेंसी को पूरी तरह से बैन नहीं किया जा सकता है. क्रिप्टो बैन करने के बाद भी लोग इसे एक-दूसरे के साथ शेयर कर सकते हैं. Cryptocurrencies सिंपल कंप्यूटर कोड के पीस होते हैं जिसे बैन नहीं किया जा सकता है. 

हालांकि, इसपर एक रेगुलेटरी बैन लगाया जा सकता है. इससे मेनस्ट्रीम यूजर्स को क्रिप्टो में ट्रेड करने में दिक्कत आएगी. भारत में ज्यादातर इनवेस्टर्स क्रिप्टो एक्सचेंज में ट्रेड करते हैं क्योंकि उन्हें क्रिप्टो वॉलेट क्रिएट करने का टेक्निकल आस्पेक्ट नहीं बता होता है. 

दूसरा बड़ा कारण जिस वजह से भारत में क्रिप्टो को बैन नहीं किया जा सकता है वो ये है कि देशभर में काफी ज्यादा इनवेस्टर्स हैं. लाखों लोग इसमें ट्रेड कर रहे हैं. सभी डिजिटल क्वाइन में Bitcoin सबसे ज्यादा पॉपुलर है. 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें