
नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक (Javelin Thrower ) में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल जगत के नए नायक बन गए हैं. अपने लंबे लहराते बालों की वजह से खास पहचान बनाने वाले नीरज की एथलीट बनने से पहले भी उनकी एक और अहम भूमिका है.
भाला फेंकने के अलावा नीरज एक और भूमिका भी निभाते हैं. एक अन्य अवतार में नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में सूबेदार के पद की भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. 4 राजपूताना राइफल्स में सूबेदार नीरज ने 2011 में इस खेल को अपना लिया था.
आज नीरज की उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित है. बतौर सैनिक उन्होंने अपने गोल्डन थ्रो के साथ टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया है.
| Delhi: Indian Army soldiers of Rajputana Rifles celebrate medal win by javelin thrower Neeraj Chopra, who is a subedar in the regiment
— ANI (@ANI)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
नीरज की इस उपबल्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बधाई दी. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि ओलंपिक में सूबेदार नीरज चोपड़ा की स्वर्णिम जीत भारतीय सेना के लिए गौरव की बात है. उन्होंने ओलंपिक में एक सच्चे सैनिक की तरह प्रदर्शन किया. यह वास्तव में भारतीय सशस्त्र बलों सहित पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है. उसे बहुत-बहुत बधाई!

भारतीय सेना ने भी ओलंपिक चैंपियन के इस दुर्लभ कारनामे की सराहना करते हुए ट्वीट किए. सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा, 'नीरज चोपड़ा ने साबित कर दिया है कि जब चाह होती है तो राह भी होती है. उन्होंने कई अन्य ओलंपियनों की तरह सशस्त्र बलों और राष्ट्र को गौरवान्वित किया है जिन्होंने टोक्यो 2020 में इतिहास रच दिया है.
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हरियाणा के पानीपत के रहने वाले एक किसान के बेटे नीरज चोपड़ा को 2016 में नायब सूबेदार के रूप में नियुक्त किया गया था और वहां से उन्होंने अपने खेल के सपने को साकार किया.

भारतीय सेना का मजबूत दल
सेना ने उनकी दुर्लभ प्रतिभा को पहचाना और उन्होंने 2016 में विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीती थी. नीरज चोपड़ा अब मिल्खा सिंह और ओलंपिक में रजत पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर जैसे खिलाड़ियों के एलीट ग्रुप में शामिल हो गए हैं.
हालांकि ओलंपिक में पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा टोक्यो जाने वाले भारतीय दल में भारतीय सेना से ताल्लुक रखने वाले अकेले शख्स नहीं हैं. इनके साथ कई और एथलीट भी हैं जिन्होंने इस बार ओलंपिक में भारत की ओर से चुनौती रखी.
नीरज के अलावा अमित पंघाल, मनीष कौशिक, सतीश कुमार (मुक्केबाजी), अर्जुन लाल जाट और अरविंद सिंह (रोइंग), विष्णु सरवनन (नौकायन), संदीप कुमार, गुरप्रीत सिंह और अविनाश सेबल (एथलेटिक्स) अन्य भारतीय सेना के सैनिक भी टोक्यो में भारतीय दल का हिस्सा थे.