रविवार 13 जुलाई को ठीक पांच हफ्ते बाद कार्लोस अल्कारेज के खिलाफ जैनिक सिनर के पास एक बार फिर 3 चैम्पियनशिप पॉइंट थे. अभी पुराने जख्म ताजा ही थे. लेकिन इस बार उन्होंने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया, और फ्रेंच ओपन फाइनल की निराशा पीछे छोड़ते हुए अल्कारेज को चार सेटों में शिकस्त देकर अपना पहला विम्बलडन ख़िताब जीत लिया.
रविवार को दुनिया के टॉप-2 मेंस टेनिस प्लेयर्स एक बार फिर बड़े फाइनल में आमने-सामने थे. इस बार दांव पर थी विम्बलडन ट्रॉफी. इस मैच में इटली के जैनिक सिनर और स्पेन के कार्लोस अल्कारेज के बीच फ्रेंच ओपन जैसा रोमांच और मैराथन मुकाबला भले ही ना दिखा हो, लेकिन सभी की नजरें इस पर टिकी थीं. टेनिसप्रेमियों के मन में बड़ा सवाल था कि फ्रेंच ओपन फाइनल में अल्कारेज के हाथों मिली अप्रत्याशित हार से सिनर क्या कभी उबर पाएंगे?
पांच हफ्ते पहले अल्कारेज के खिलाफ सिनर ने महानतम ग्रैंड स्लैम फाइनल में से एक को गंवा दिया था. दो सेटों की बढ़त और तीन चैम्पियनशिप पॉइंट हासिल करने के बाद फ्रेंच ओपन खिताब उनके हाथ से छिन गया था. दिल को तोड़ देने वाली इतनी करारी हार के बाद ज्यादातर खिलाड़ी कभी उससे उबर नहीं पाते. लेकिन सिनर ने गजब की मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए इतने कम समय में निराशा को पीछे छोड़ते हुए अपना पहला विम्बलडन और चौथा ग्रैंड स्लैम जीता, वो भी अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी अल्कारेज से फ्रेंच ओपन की हार का हिसाब चुकता कर. इसके साथ ही वो विम्बलडन जीतने वाले पहले इटालियन प्लेयर भी बन गए.
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World No.1 Jannik Sinner defeats Carlos Alcaraz to claim his first Wimbledon title 🇮🇹— Wimbledon (@Wimbledon)
अजेय चल रहे अल्कारेज कई बार बेबस नजर आए?
विम्बलडन फाइनल में सिनर के आक्रामक खेल का दो बार के डिफेंडिंग चैम्पियन अल्कारेज के पास कोई जवाब नहीं था. इटालियन खिलाड़ी ने पूरे मैच में ना सिर्फ दमदार सर्विंग की, बल्कि उन्होंने बेसलाइन से भी स्पेनिश खिलाड़ी को खूब छकाया. सिनर ने 36 फीसदी रिटर्न पॉइंट्स जीते, जो अल्कारेज से 8 फीसदी ज्यादा थे. दुनिया के नंबर-1 प्लेयर ने अपने खेल में गजब की विविधता दिखाई. दनदनाते फोरहैंड और बैकहैंड शॉट्स के अलावा मौका मिलने पर सिनर ने नेट पर आने में भी कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई. उनके ऑल-राउंड गेम के सामने विम्बलडन में 20 मैचों से अजेय चल रहे अल्कारेज कई बार बेबस और निराश नजर आए.
विम्बलडन चैम्पियन बनना 23 साल के सिनर के लिए कतई आसान नहीं था. फाइनल में उनके सामने ना सिर्फ अल्कारेज के रूप में मजबूत प्रतिद्वंद्वी था, बल्कि टेनिस कोर्ट के बाहर की चुनौतियों से भी पार पाना था. जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें तीन महीने का प्रतिबंध झेलना पड़ा. सिनर ने काई बार ये स्वीकारा कि ये पूरा मामला उनके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से कितना थका देने वाला था.
23 years of dominance on Centre Court 🏆
— Wimbledon (@Wimbledon)
It was the first time since 2002 that the gentlemen's final hasn’t featured Roger Federer, Rafael Nadal, Andy Murray or Novak Djokovic
👉 Jannik Sinner: born in 2001
👉 Carlos Alcaraz: born in 2003
सिनर के लिए कितना मुश्किल रहा ये सफर?
सिनर का ग्रास कोर्ट ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बनने का सपना एक समय टूटने की कगार पर था. चौथे राउंड में ग्रिगोर दिमित्रोव के खिलाफ वो दो सेट से पिछड़ रहे थे और टूर्नामेंट से बाहर होने से सिर्फ चार गेम दूर थे. लेकिन दिमित्रोव बुरी तरह चोटिल हो गए और उन्हें मैच बीच में ही छोड़कर रिटायर होना पड़ा. उसी मैच के दौरान कोर्ट पर फिसलने के कारण सिनर की कोहनी में भी चोट आई थी. जिससे उनका टूर्नामेंट में आगे खेलने पर कुछ संशय जरूर छा गया था. लेकिन, सिनर ने इन सभी चुनौतियों से पार पाकर विम्बलडन ट्रॉफी पर कब्जा किया.
टेनिस में महान राइवलरी सिर्फ रोमांच और बड़े खिताबी मुकाबलों से नहीं बनती. उसके लिए प्रतिद्वंद्वियों के बीच लगभग बराबर की टक्कर और मैच के परिणाम अहम होते हैं. सिनर का विम्बलडन टाइटल जीतना उनकी अल्कारेज संग बहुचर्चित राइवलरी के लिए बेहद मायने रखता है. इटालियन खिलाड़ी ने रविवार को जीत हासिल कर स्पेनिश प्लेयर के हाथों लगातार 5 हार का सिलसिला तोड़ दिया. हेड-टू-हेड में अल्कारेज भले ही अब भी 8-5 से आगे हों, लेकिन इस जीत से सिनर को भविष्य में अल्कारेज के खिलाफ काफी आत्मविश्वास मिलेगा. उन्होंने करीबन एकतरफा हो रही दोनों की राइवलरी में भी नई जान फूंकी.
दोनों की राइवलरी टेनिस जगत के लिए संजीवनी की तरह
अल्कारेज को विम्बलडन में हराकर सिनर ऐसा करने वाले तीन साल में पहले खिलाड़ी हैं. साथ ही उन्होंने स्पेनिश सनसनी के लगातार 24 मैचों की जीत का सिलसिला भी तोड़ा. अब वो 4 ग्रैंड स्लैम टाइटल जीत चुके हैं, जो अल्कारेज के 5 खिताबों से सिर्फ एक कम है. सिनर ग्रैंड स्लैम फाइनल में अल्कारेज को हराने वाले पहले खिलाड़ी हैं. दोनों एक-दूसरे को ना सिर्फ बेहतर बनाते हैं, बल्कि बराबर सम्मान भी करते हैं. इस जोड़ी ने पिछले सात ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं. दोनों की राइवलरी ‘बिग-3’(फेडरर-नडाल-जोकोविच) के बाद टेनिस जगत के लिए किसी संजीवनी की तरह है.
Jannik Sinner. Wimbledon Champion.
— Wimbledon (@Wimbledon)
"इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कैसे जीतते हैं या हारते हैं. आपको बस ये समझना है कि आपने क्या गलत किया और फिर उसे बेहतर करना है.” विम्बलडन टाइटल जीतने के बाद सिनर के ये शब्द बतौर टेनिस प्लेयर उनके चरित्र पर बिल्कुल सटीक बैठते हैं.