मेजर लीग बेसबॉल में समय-समय पर बड़े बदलाव होते रहे हैं. अमेरिका के इस पसंदीदा खेल के बीते 200 सालों में खिलाड़ियों ने इसके इतिहास से लेकर आज के मार्डर्न एरा तक इतने बदलाव देखे हैं कि अब नए जमाने के इस खेल का मूल स्वरूप बिल्कुल बदल चुका है. पहले हो चुके कई ऐतिहासिक बदलावों के बाद बीते साल 2023 में भी बेसबॉल में नए नियम शामिल किए गए थे. इन नए नियमों को शामिल करने का उद्देश् था कि खेल की गति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार लाया जाए.
इन बदलावों में प्रमुख थे, पिच क्लॉक, शिफ्ट का खत्म होना, बड़े बेस का इस्तेमाल और पिचर के रबर से हटने के प्रयासों की लिमिट तय करना.
शिफ्ट का नया नियम: नए नियम में सभी इनफील्डर को पिच के समय इनफील्ड पर रहना होगा और दूसरे बेस के दोनों ओर दो खिलाड़ी होंगे. खिलाड़ी अपनी पोजीशन तब बदल सकते हैं जब गेंद पिचर के हाथ से निकल जाए. उल्लंघन पर हिटिंग टीम को पेनॉल्टी लेने या खेल जारी रखने का विकल्प मिलेगा.
पिच क्लॉक: पिचर्स को बेस खाली होने पर 15 सेकंड और बेस पर रनर होने पर 20 सेकंड के भीतर पिच डालनी होगी. देरी होने पर पिचर को बॉल और बैटर को स्ट्राइक दी जाएगी. इसका उद्देश्य खेल की गति को तेज करना है.
पिकऑफ्स का नया नियम: पिचर को केवल दो बार पिकऑफ का प्रयास करना ही अलाउड है, तीसरी बार पर अगर रनर बेस पर नहीं बढ़ता, तो पिचर को बॉक दिया जाएगा.
बड़े बेस: बेस का आकार 15 इंच से बढ़ाकर 18 इंच किया गया है ताकि चोटों को कम किया जा सके और बेस चोरी के प्रयासों को बढ़ावा मिले.
पोजिशन प्लेयर्स का पिच करना: अब टीमें पोजिशन प्लेयर्स को तभी पिचर के रूप में इस्तेमाल कर पाएंगी जब वे 10 या उससे अधिक रन से आगे हों.
बता दें कि, 19वीं शताब्दी के अंत तक यह खेल काफी हद तक नियम-कायदों के साथ व्यवस्थित हो चुका था और फिर 1903 में मेजर लीग बेसबॉल (MLB) की स्थापना हुई. हालांकि खेल में आने वाले बदलाव रुके नहीं, बल्कि इसके बाद से, खेल के नियमों में कई बार जरूरी बदलाव किए गए, और जिसके जरिए इसमें और निखार ही आया. यही वजह है कि समय बीतने के साथ-साथ बेसबॉल ने कई बदलाव देखे और इन बदलावों ने इस खेल को मॉर्डर्न एरा का पसंदीदा खेल बना दिया. 1912 में पहला MLB (मेजर लीग बेसबॉल) स्टेडियम खोला गया था.