क्या क्रिकेट में DRS (Decision Review System) के तहत अंपायर्स कॉल रूल (Umpire’s Call’ Rule) को बदलने की जरूरत है? क्या इस नियम को बदले जाने की जरूरत है? क्रिकेट का नियम विवाद की वजह क्यों बनता जा रहा है.
दरअसल, ध्यान से समझें तो अंपायर्स कॉल रूल में एक बहुत ही बारीक लाइन या यूं कहें कि एक ग्रे एरिया है. अक्सर इस पर कई दिग्गज क्रिकेटर्स अपनी राय बयां कर चुके हैं. कई बार LBW (लेग बिफोर विकेट) के मामले में DRS की कॉल होने पर 'अंपायर्स कॉल' फ्रेम में आ जाता है.
LBW के बेहद बारीक फैसलों पर कई बार टीवी अंपायर भी कुछ सटीक जानकारी नहीं दे पाता है. ऐसे में ऑनफील्ड अंपायर का फैसला ही अंतिम और फाइनल होता है.
LBW के फैसले में क्या देखा जाता है?
LBW के फैसले के लिए DRS में तीन चीजें देखी जाती हैं. गेंद कहां गिरी (Pitching), बल्लेबाज के पैड पर कहां लगी (Impact), और क्या वह विकेट से टकरा (Wickets) रही है. ये सब चीजें तकनीक (हॉक आई/बॉल ट्रैकर, स्निकोमीटर/अल्ट्राऐज ) से तय होती हैं. वहीं सबसे पहले यह देखा जाता है कि गेंद लीगल है या नहीं. लेकिन कई बार ‘Impact’ और ‘Wickets’ वाला हिस्सा इतना करीब का होता है कि फैसला 50-50 जैसा लगने लगता है. ऐसी सिचुएशन में मैदान पर खड़े अंपायर का फैसला ही आखिरी माना जाता है. 
सचिन तेंदुलकर ने भी उठाए सवाल...
सचिन तेंदुलकर ने भी अब इस नियम पर सवाल उठाए हैं. वहीं उन्होंने अंपायर्स कॉल रूल को हटाने की वकालत की है. उन्होंने रेडिट पर कहा- मैं DRS के नियम को बदलना चाहूंगा. जब खिलाड़ी अंपायर के फैसले से नाखुश होकर DRS लेते हैं, तो फिर उसी फैसले पर लौटने का विकल्प नहीं होना चाहिए. जैसे खिलाड़ी कभी खराब फॉर्म में रहते हैं, वैसे ही अंपायर भी गलतियां कर सकते हैं. टेक्नॉलजी भले 100% सही न हो, लेकिन उसकी गलती भी एक जैसी रहती है. ध्यान रहे DRS का रूल भारत के श्रीलंका के दौरे पर साल 2008 में लाया गया था.
I’m going to keep banging on about this. If a captain reviews a decision-then the on field umpires decision should be removed-as you can’t have the same ball being out or not out ! Once this happens, it’s simple and clear-whether it should be out or not!
— Shane Warne (@ShaneWarne)
High time the ICC got rid of this umpires call. If the ball is hitting the stumps it should be out on review regardless of umps decision.
— Kumar Sangakkara (@KumarSanga2)
Bad umpiring and bad rules cost Pakistan this game.. should change this rule .. if the ball is hitting the stump that’s out whether umpire gave out or not out doesn’t matter.. otherwise what is the use of technology??? vs
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh)
वॉर्न और संगकारा समेत इन क्रिकेटर्स ने उठाए अंपायर्स कॉल पर सवाल
दिवंगत शेन वॉर्न भी इस नियम पर सवाल उठा चुके हैं. वॉर्न ने 2020 में एक पोस्ट में कहा था- मैं बार-बार यही बात कहूंगा, अगर कैप्टन किसी फैसले की समीक्षा (Review) मांगता है, तो मैदान पर खड़े अंपायर का फैसला मान्य नहीं रहना चाहिए. क्योंकि एक ही गेंद को “आउट” और “नॉट आउट” दोनों नहीं कहा जा सकता. जब ऐसा होगा, तब फैसला बिल्कुल साफ और आसान हो जाएगा. यानी गेंदबाज को विकेट मिलना चाहिए या नहीं, यह सीधे तय हो जाएगा. वहीं कुमार संगकारा, हरभजन सिंह, मिस्बाह-उल-हक जैसे क्रिकेटर्स भी इस फैसले पर समय समय पर सवाल उठा चुके हैं.