Bengaluru Stampede Social Media Reactions: 'हम आखिर क्रिकेटरों के पीछे भागते क्यों हैं? क्यों नेताओं के पीछे भागते हैं, क्यों फिल्म स्टार के पीछे भागते हैं. इससे हमारा विकास होने वाला नहीं है. क्रिकेट केवल एक गेम है, इसे देखिए... इंजॉय कीजिए और आगे बढ़िए....',
सोशल मीडिया पर यह कमेंट एक शख्स का था, जिसने चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ के बाद लोगों की मौत पर सवाल उठाए. कुल मिलाकर बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जो कुछ भी हुआ, उससे सोशल मीडिया यूजर्स भड़के दिखे. हालांकि कुछ लोगों ने कर्नाटक सरकार का बचाव किया.
अब घटनाक्रम को समझिए, RCB (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) की टीम 3 जून को पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 रनों से जीत गई थी, इस तरह वह आईपीएल के 18वें सीजन में पहली बार विजेता बनीं. इस जीत की खुशी में बेंगलुरु में विक्ट्री परेड का आयोजन किया गया था, पहले यह ओपन बस में होनी थी, लेकिन फिर ऐसा नहीं हुआ.
बाद में कर्नाटक के CM सिद्धारमैया ने कहा कि स्टेडियम में 35 हजार की क्षमता थी. लेकिन बाहर 3 लाख से ज्यादा लोग जमा हो गए. इस हादसे में 11 लोगों की जान गई.
इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर #chinnaswamystadium, #ViratKohli #BengaluruStampede जैसे कई हैशटैग ट्रेंड करने लगे. इस हादसे पर ज्यादतयर यूजर्स RCB फैन्स के उतावलेपन, कर्नाटक की राज्य सरकार, RCB के मैनेजमेंट पर सवाल उठाए. वहीं इस पूरे मामले में BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने खुद को किनारे कर लिया. वहीं विराट कोहली ने इस हादसे पर दुख जताया.
Honestly, we Indians act too foolish!
— Shivam Chauhan (@_shivamchauhan)
Till the time we keep running after film stars, cricketers & politicians, we won’t improve & neither will our country.
Cricket is just a game. Watch it for fun, and move on.
एक यूजर ने RCB फैन्स पर तंज कसते हुए लिखा, यही कारण है कि CSK और MI सबसे सफल फ्रेंचाइजी हैं.
Here is the reason why CSK & MI are most successful franchises, they love & care their fans.
Here is the reason why CSK & MI are most successful franchises, they love & care their fans.❤️
— Jason (@mahixcavi7)
वहीं एक और यूजर ने लिखा कि RCB की जीत ने तो एक बात सिद्ध कर दी है कि उनको ट्रॉफी तो मिल गई है, लेकिन उनके पास सोचने समझने की शक्ति नहीं है.
RCB’s win proved one thing — they finally got the trophy, but still haven’t found their brains
— Nikhil (@nikkhilknows)
शिवम नाम के यूजर ने लिखा- क्रिकेटर तो खूब पैसे कमाते हैं, फैन्स फैंस टिकट और पटाखों पर पैसे खर्च करते हैं, और कई बार तो जान तक गंवा देते हैं.
0 deaths here
— 🅷🅸🆃🅼🅰🅽 (@ImkS45)
How does Mumbai pull this off
Cricketers come, play and earn in crores, But foolish fans spend money buying tickets, crackers and finally give their life too.
— Shivam Chauhan (@_shivamchauhan)
Irony but true!
वहीं कई यूजर्स ऐसे भी थे, जिन्होंने इस पूरे मामले में राज्य सरकार को सपोर्ट भी किया. एक यूजर ने लिखा- कर्नाटक सरकार ने सच नहीं छिपाया, मीडिया को काम करने दिया, लोगों की मौत को छुपाने की कोशिश नहीं की. उन्होंने दुख को अपनाया और जनता के साथ खड़े रहे.
Karnataka govt didn’t hide the death count.
— Amock (@Politicx2029)
Didn’t stop media from reporting.
Didn’t cover dead bodies with tents.
They accepted the tragedy.
Faced the pain.
And stood with the people👏
एक यूजर ने लिखा- इस समय कर्नाटक में सबसे दुखी इंसान हैं डीके शिवकुमार, उन्होंने अपने राज्य के लिए सब कुछ किया, RCB की जीत का जश्न उन्हीं की वजह से मुमकिन हो पाया. लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि भगदड़ जैसी घटना हो जाएगी. ये बहुत दर्दनाक और हैरान करने वाला था. मजबूत बने रहिए @DKShivakumar,हम हमेशा आपके साथ हैं.
Saddest person in Karnataka right now.
— Amock (@Politicx2029)
DK Shivakumar did everything for his state.
He made RCB celebration possible.
But no one expected this stampede.
It was painful. It was shocking.
Stay strong .
We are with you. Always🙏
क्या हुआ हादसे के वक्त
ये हादसा उस वक्त हुआ जब IPL विजेता RCB के खिलाड़ी और नेता जश्न मना रहे थे. सबसे बड़ी अमानवीयता ये थी कि स्टेडियम के बाहर इंसान मरते रहे और अंदर IPL कप का जश्न मनता रहा. जब स्टेडियम के बाहर लोग CPR के लिए तरस रहे थे, लोगों की सांसें टूट रही थीं, तब स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रम चल रहा था. जब लोगों के लिए सहारे की जरुरत थी तब लोगों के चहेते खिलाड़ी कप को हाथों पर उठाए घूम रहे थे.
यह सिर्फ एक भगदड़ नहीं थी, बल्कि प्रशासनिक विफलता की एक काली स्याही है. भगदड़ में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. बावरिंग अस्पताल में 6 शव लाए गए, जिनमें 13 वर्षीय दिव्यांशी, 26 वर्षीय दिया, 21 वर्षीय श्रवण समेत तीन युवतियां और तीन युवक शामिल हैं. इनमें दो की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. वायदेही अस्पताल में 4 शव पहुंचे- 20 वर्षीय भूमिक, 19 वर्षीय साहना, एक 20 वर्षीय युवक और एक 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई. मणिपाल अस्पताल में 19 वर्षीय चिन्मयी की मौत हुई है. हादसे में घायल 18 लोग अब भी विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं.