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दांतों के अंदर जाकर करेंगे ज़िद्दी बैक्टीरिया की सफाई, देश में तैयार हुए इलाज करने वाले नैनो रोबोट्स

IISc बेंगलुरु और उसके स्टार्टअप थेरानॉटिलस (Theranautilus) ने ऐसे नैनो रोबोट बनाए हैं, जो दांतों के अंदर जाकर संक्रमण फैलाने वाले कीड़ों को मार गिराएंगे. इससे Root Canal Treatment के असफल होने की गुंजाइश ही खत्म हो जाएगी.

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दांतो की गहराई में छिपे बैक्टीरिया को खत्म करेंगे नैनोबोट्स (Photo: IISC) दांतो की गहराई में छिपे बैक्टीरिया को खत्म करेंगे नैनोबोट्स (Photo: IISC)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डेंटिनल ट्यूबल में भी जा सकते हैं ये नैनोबॉट्स
  • 2,000 माइक्रोमीटर तक अंदर घुसने में सक्षम

भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) और उसके स्टार्टअप, थेरानॉटिलस (Theranautilus) के शोधकर्ताओं न एक शोध किया है, जिसमें बताया गया है कि नैनो रोबोट्स (Nano Robot) चुंबकीय क्षेत्र (magnetic field) का इस्तेमाल करके दांतों के अंदर जाकर बैक्टीरिया को मार सकते हैं. जिससे रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद भी अगर कोई कमी रह जाती है, तो वे उसे ठीक कर सकते हैं.

RCT हमेशा सफल नहीं रहता

दांत के दर्द से परेशान लाखों लोगों का इलाज रूट कैनाल (Root canal) ट्रीटमेंट से किया जाता है. इस प्रक्रिया में दांत के अंदर इन्फेक्टेड सॉफ्ट टिश्यू यानी पल्प (Pulp) को हटाया जाता है और इन्फेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया को मारने के लिए एंटीबायोटिक या कैमिकल्स से दांतों को साफ किया जाता है. लेकिन ऐसा करने से भी कई बार, बैक्टीरिया पूरी तरह से साफ नहीं होते, खासकर एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया जैसे एंटरोकोकस फ़ेकलिस (Enterococcus faecalis)- जो दांत की बेहद सूक्ष्म कैनाल के अंदर छिपे रहते हैं जिन्हें, डेंटिनल ट्यूबल (Dentinal Tubules) कहा जाता है.

 

जिद्दी बैक्टीरिटा से निपटेंगे ये नैनोबॉट्स

दांतो के अंदर गहराई में छिपे इन बैक्टीरिया से निपटने के लिए शोधकर्ताओं ने नैनोबॉट्स (Nanobots) बनाए हैं. एडवांस्ड हेल्थकेयर मैटेरियल्स (Advanced Healthcare Materials) में प्रकाशित इस स्टडी में कहा गया है कि शोधकर्ताओं ने हेलीकल नैनोबॉट तैयार किए हैं, जो आयरन कोटेड सिलिकॉन डाइऑक्साइड से बने हैं. इन्हें कम तीव्रता वाले मैग्नेटिक फील्ड (Magnetic Field) पैदा करने वाले डिवाइस का इस्तेमाल करके कंट्रोल किया जा सकता है. इन नैनोबॉट्स को निकाले गए दांतों के नमूनों में इंजेक्ट किया गया और माइक्रोस्कोप के ज़रिए उनके मूवमेंट को ट्रैक किया गया.

मैग्नेटिक फील्ड की फ्रीक्वेंसी कम करके, शोधकर्ता नैनोबॉट्स को अपनी मर्जी से इधर-उधर चला पा रहे थे और ये रॉबोट्स डेंटिनल ट्यूबल के अंदर गहराई तक जाने में सक्षम थे. नैनोबॉट 2,000 माइक्रोमीटर तक अंदर घुसने में सक्षम थे. श्रीनिवास कहते हैं कि इससे हम इन बोट्स को मरीजों के दांतों से वापस भी निकाल सकते हैं.

बेहद सुरक्षित हैं नैनोबॉट्स

इस शोध से पता चलता है कि ये नैनोबॉट जैविक ऊतकों (Biological Tissues) में इस्तेमाल किए जाने के लिए एकदम सुरक्षित हैं. टीम ने चूहों के मॉडल में डेंटल नैनोबॉट का टेस्ट किया और उन्हें सुरक्षित और प्रभावी पाया है. शोधकर्ता एक नए तरह मेडिकल डिवाइस बनाने पर भी काम कर रहे हैं जो आसानी से मुंह के अंदर फिट हो सकता है और इससे डेंटिस्ट रूट कैनाल के दौरान दांतों के अंदर नैनोबॉट्स को इंजेक्ट कर चला सकते हैं.

 

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