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4600 साल पुराना बायोइंजीनियर्ड हाइब्रिड जानवर मिला, घोड़ा था या गधा...वैज्ञानिक परेशान

बायोइंजीनियरिंग नई बात नहीं है. हाइब्रिड जानवर हजारों साल पहले भी होते थे. हाल ही में पुरातत्वविदों को एक प्राचीन बायोइंजीनियर्ड हाइब्रिड जानवर का कंकाल मिला है. यह करीब 4600 साल पुराना है. इसे प्राचीन समय में कुंगास (Kungas) कहते थे. यह घोड़ा था या गधा यह तय नहीं हो पाया है लेकिन यह सीरिया में पाए जाने वाले जंगली गधों जैसा था.

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ये है कुंगास के कंकाल, जिन्हें हाल ही में खोजा गया है. (फोटोः ग्लेन श्वार्ट्ज/जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी) ये है कुंगास के कंकाल, जिन्हें हाल ही में खोजा गया है. (फोटोः ग्लेन श्वार्ट्ज/जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कुंगास नाम के जीव से मिलता है कंकाल
  • युद्ध के समय रथ खींचने का करता था काम
  • नपुंसक होते थे कुंगास ताकि ताकत बनी रहे

बायोइंजीनियरिंग (Bioengineering) नई बात नहीं है. हाइब्रिड जानवर हजारों साल पहले भी होते थे. हाल ही में पुरातत्वविदों को एक प्राचीन बायोइंजीनियर्ड हाइब्रिड जानवर का कंकाल मिला है. यह करीब 4600 साल पुराना है.

इसे प्राचीन समय में कुंगास (Kungas) कहते थे. ये घोड़ा था या गधा यह तय नहीं हो पाया है लेकिन यह सीरिया में पाए जाने वाले जंगली गधों जैसा था. वैज्ञानिक इस खोज से इतने हैरान हैं कि वो समझ नहीं पा रहे कि हजारों साल पहले भी साइंस इतना आगे था. 

एक नई स्टडी के मुताबिक मेसोपोटामिया (Mesopotamia) में युद्ध के लिए घरेलू गधों को जंगली गधों के साथ हाइब्रिड कराया गया था. यानी 4600 साल पहले बायोइंजीनियर्ड हाइब्रिड जानवर बनाए जाते थे. जबकि घोड़ों का हाइब्रिड प्रयोग इस काम के लिए 500 साल बाद किया गया था. यह स्टडी पेरिस स्थित इंस्टीट्यूट जैक्स मोनोड में की गई है. यह स्टडी हाल ही में साइंस एडवांसेस नामक जर्नल में प्रकाशित हुई है. 

प्राचीन मेसोपोटामिया में हाइब्रिड कुंगास की थी भारी मांग. (फोटोः इवा-मारिया गीगल)
प्राचीन मेसोपोटामिया में हाइब्रिड कुंगास की थी भारी मांग. (फोटोः इवा-मारिया गीगल)

2500 ईसापूर्व में युद्ध के रथ खींचते थे कुंगास

जब वैज्ञानिकों ने इस कंकाल के डीएनए की स्टडी को तो पता चला कि यह कुंगास (Kungas) है. लेकिन यह पता नहीं चल पा रहा है कि यह किन दो जानवरों को मिलाकर बनाया गया था. कुंगास युद्ध के समय उपयोग में लाए जाने वाले रथों को खींचता था. इसके अलावा माल ढोने के काम भी आता था. क्योंकि इसकी ऊंचाई कम थी और यह तेज गति से भाग सकता था. 

इंस्टीट्यूट जैक्स मोनोड की जिनोमिसिस्ट इवा-मारिया गीगल ने बताया कि कंकाल की स्टडी करने पर पता चला कि यह घोड़े जैसा जीव है. लेकिन यह गधों की शरीर संरचना के हिसाब से सेट नहीं होता. न ही सीरिया के जंगली गधों जैसा है. ये किसी तरह से इन जीवों से अलग था. लेकिन इनमें अंतर किस तरह का था यह बता पाना मुश्किल है. हम अब भी इसकी जांच कर रहे हैं, पुराने दस्तावेजों और कलाकृतियों से रेफरेंस ले रहे हैं. 

युद्ध में चार पहियों वाले रथों को खींचते थे कुंगास. (फोटोः थियेरी ग्रैंज/पेरिस यूनिवर्सिटी)
युद्ध में चार पहियों वाले रथों को खींचते थे कुंगास. (फोटोः थियेरी ग्रैंज/पेरिस यूनिवर्सिटी)

किन दो जानवरों के हाइब्रिड हैं, इस पर हो रही स्टडी

इवा-मारिया गीगल ने बताया कि कुंगास बेहद ताकतवर, तेज और नपुंसक जीव थे. माना जाता है कि कुंगास को घरेलू गधी और सीरिया के जंगली नर गधों या हेमियोन (Hemione) नामक जीव का हाइब्रिड है. प्राचीन दस्तावेजों में इस बात का जिक्र है कि कुंगास बेहद कीमती जीव होते थे. इनकी ब्रीडिंग कराना भी एक जटिल प्रक्रिया थी. चुंकि ये जीव नपुंसक होते थे, इनकी अगली पीढ़ी नहीं होती थी. इसलिए नए बच्चे ये पैदा नहीं कर सकते थे. इसलिए नए कुंगास को बायोइंजीनियर्ड तरीके से हाइब्रिड कराया जाता था. 

कुंगास (Kungas) मेसोपोटामिया के कई प्राचीन दस्तावेजों, पांडुलिपियों, शिलालेखों और कलाकृतियों में वर्णित हैं. ये युद्ध के समय चार पहिया वाले रथों को खींचते थे. लंदन स्थित ब्रिटिश म्यूजियम में लगे सुमरेयिन मोजैक में इनके चित्र प्राचीन चित्र बनाए गए हैं. इसलिए वैज्ञानिकों को लगता है कि ये उस समय के हाइब्रिड गधे थे, जो किस तरह बनाए गए हैं, उसकी स्टडी अब भी चल रही है. 

1927 में खत्म हो गया था आखिरी सीरियाई जंगली गधा. (फोटोः ग्लेन श्वार्ट्ज)
1927 में खत्म हो गया था आखिरी सीरियाई जंगली गधा. (फोटोः ग्लेन श्वार्ट्ज)

1927 में खत्म हो गए थे सीरिया के जंगली गधे

सीरिया का आखिरी जंगली गधा 1927 में देखा गया था. यह 3 फीट ऊंचा था. इसे विएना में स्थित दुनिया के सबसे पुराने चिड़ियाघर Tiergarten Schönbrunn में रखा गया था. अब इसके कंकाल को नेचुरल हिस्सी म्यूजियम में रखा गया है. सीरिया के जंगली गधों का सबसे पुराना अवशेष 11 हजार साल पुराना है, यानी ये इतने साल से तो सीरिया समेत दुनियाभर के कई इलाकों में पाए जाते थे. ये तुर्की में पाए जाते थे. स्टडी में पता चला कि कुंगास और सीरियाई जंगली गधे की प्रजाति एक ही है. लेकिन कुंगास किन दो जीवों के मिलन से बने हैं, ये बता पाना मुश्किल हो रहा है. 

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