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साइंस न्यूज़

एक्सपर्ट का दावाः इंसान असली नहीं, हाइब्रिड प्रजाति हैं... ये Aliens के मिलन से बने

Humans are Aliens
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क्या होता अगर इंसान एलियन (Alien) होता? अरे... हम हैं. दुनिया भर में मौजूद इंसान एलियन ही हैं. धरती पर मौजूद आधुनिक इंसान को किसी अन्य एलियन प्रजाति के साथ संकरण कराकर बनाया गया है. संकरण यानी क्रॉसब्रेड (Crossbred). आधुनिक इंसान तब बने जब पड़ोसी सौर मंडल अल्फा सेंटॉरी (Alpha Centauri) के एलियन के साथ उनका संकरण कराया गया. ये दावा किया है दुनिया के कुछ एक्सपर्ट्स ने. (फोटोः गेटी)
 

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आधुनिक इराक को पहले अल-उहायमीर कहा जाता था. यहीं पर सुमेरियन शहर किश हुआ करता था. प्राचीन दस्तावेज बताते हैं कि किश शहर 3500 ईसा पूर्व से भी पुराना है. ये ऐसे शहर थे जहां पर राजशाही चलती थी. राजा का नाम था जुशूर. जुशूर के बाद यहां पर जो भी राजा बना उसे कुलासिना-बेल (Kullassina-Bel) कहा जाता था. (फोटोः गेटी)

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कुलासिना-बेल (Kullassina-Bel) का अकादियन भाषा में मतलब होता है कि ये सारे लोग देवता थे. इसे लेकर पुरातत्वविदों का मानना है कि जब कहीं पर कोई ऐसा कहता है कि यहां सारे लोग देवता थे, इसका मतलब होता है कि वहां एक राजा नहीं था. यानी वहां पर किसी एक केंद्रीय सत्ता की कमी थी. यह प्राचीन दस्तावेज सुमेरियन से लेकर मिस्र के काल तक पाए गए हैं. यानी करीब 100 साल तक. (फोटोः गेटी)

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इंसान इकलौता ऐसा जीव है, जिसके पास लिखने की क्षमता है. इसी क्षमता की वजह से इंसान जानवरों से अलग हो जाता है. पांच हजार साल हो गए, तब से लेकर अब तक इंसानों ने बिजली बनाई, परमाणु के कण तोड़े, कंप्यूटर बनाए, चांद और मंगल तक पहुंचे. इंसानों ने ऐसी ताकतें और तकनीक विकसित की जो किसी अन्य जीव ने नहीं किया. कोई अन्य प्रजाति का जीव इतने कम समय में इतनी ज्यादा तकनीकें विकसित नहीं कर पाया. (फोटोः गेटी)

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इंसानों के धरती पर आने और विकसित होने की उम्र अन्य जीवों की तुलना काफी ज्यादा कम है. लेकिन इंसानों ने इतने कम समय में ही जो बुद्धिमत्ता पाई है, वो अकल्पनीय है. जो काम किए हैं...वो सोच से बाहर हैं. हालांकि, ये सवाल आज भी बेहद जटिलता के साथ बना हुआ है कि सिर्फ इंसानों ने ही इतना विकास क्यों किया? इंसानों से ज्यादा बेहतर कोई अन्य प्रजाति क्यों नहीं है? जो अन्य बुद्धिमान जीवों की प्रजातियां हैं, वो तकनीक विकसित नहीं कर पाईं. (फोटोः गेटी)

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एक बार के लिए सोचिए कि अगर आपको कुछ समय के लिए जंगल में भेज दिया जाए रहने के लिए. क्या आप बिना तकनीक के वहां पर खुद को बचा पाएंगे. हम में से बहुत से लोग जंगल में सर्वाइव ही नहीं कर पाएंगे. न ही समुद्र में. ज्यादा दिनों तक आप बिना तकनीक या विकास के जंगल और समुद्र में रह ही नहीं सकते. ज्यादातर वैज्ञानिक यह मानते हैं कि इंसान बुद्धिमान है लेकिन वह हर मौसम या पर्यावरण के हिसाब से नहीं बना. हम अपने ही ग्रह पर कई मामलों में सीमित हो जाते हैं. (फोटोः गेटी)

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किसी भी लड़की या लड़के की बुद्धिमत्ता उसके शरीर की बनावट से संबंधित होती है. इंसानों के शरीर की बनावट अन्य जीवों के शारीरिक बनावट से एकदम अलग है. बल्कि यह विचित्र है. उदाहरण के लिए इसे ऐसे समझिए... जब घोड़े का शावक पैदा होता है, तब वह तुरंत उठकर चलने लगता है. अपने सारे काम खुद करने लगता है. लेकिन इंसान का बच्चा पैदा होते ही चलने लगे तो आप घबरा जाएंगे. क्योंकि ऐसा होता ही नहीं है. इंसान के बच्चे को धीरे-धीरे अपनी मानसिक क्षमता को बढ़ाते हुए विकसित होना होता है. उसका न्यूरोलॉजिकल विकास होता है. (फोटोः गेटी)

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इंसानों ने दो पैर पर चलना क्यों शुरु किया? वो कैसे चीजों को बदलने, समझने और नया बनाने के लिए तैयार होते चले गए. डॉ. एलिस सिल्वर ने एक नई थ्योरी दी है. जिसमें वो कहती हैं कि इंसान अन्य जीवों के साथ धरती पर विकसित नहीं हुए. एक किताब है, जिसका नाम है- Humans are not from Earth: a scientific evaluation of the evidence. इसमें डॉ. एलिस सिल्वर जैसे दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने इस बात की थ्योरी दी है कि इंसानों का जन्म धरती पर नहीं हुआ. (फोटोः गेटी)
 

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Humans are not from Earth: a scientific evaluation of the evidence किताब में इंसानों को एलियन (Alien) बताने वाले 13 हाइपोथीसिस और 17 फैक्टर्स गिनाए गए हैं. क्योंकि इंसान धरती पर मौजूद सबसे बुद्धिमान जीव तो है लेकिन वह धरती के मौसम, पर्यावरण के हिसाब से जीवित रहने लायक नहीं है. वह सूरज की तेज रोशनी, बाढ़, खराब मौसम बर्दाश्त नहीं कर सकता. वह क्रोनिक बीमारियों का शिकार हो जाता है. इंसानों से ज्यादा बीमार रहने वाला कोई जीव नहीं है धरती पर. (फोटोः गेटी)

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डॉ. एलिस सिल्वर के मुताबिक इंसानों को पीठ की दर्द का करोड़ों सालों तक सामना करना पड़ा था. क्योंकि वो चारों पैरों से आगे चलकर दो पैरों पर खड़े हो रहे थे. क्योंकि इस प्रक्रिया से ऐसा लगता है कि इंसान कम गुरुत्वाकर्षण वाले किसी ग्रह पर पैदा हुए होंगे. या फिर इंसानों के पूर्वजों का दूसरे ग्रह के जीवों के साथ संकरण कराया गया होगा. (फोटोः गेटी)

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डॉ. एलिस के मुताबिक निएंडरथल मानवों का हमारे पड़ोसी सौर मंडल अल्फा सेंटॉरी (Alpha Centauri) के जीवों के साथ क्रॉसब्रीडिंग कराई गई होगी. जिसकी वजह से आज का आधुनिक इंसान पैदा हुआ है. डॉ. एलिस कहती हैं कि दुनिया में ऐसे लाखों लोग हैं, जो ये कहते हैं कि वो खुद को इस धरती का नहीं मानते. उन्हें यहां रहने में दिक्कत आती है. ऐसा भी हो सकता है कि धरती को एलियंस ने जेल के तौर पर उपयोग किया हो. इंसानों को यहां पर तमीज और तरीका सिखाया जा रहा है. (फोटोः गेटी)

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डॉ. एलिस का मानना है कि इंसानों की उत्पत्ति की धरती पर मौजूद किसी जीवन के धागे से नहीं हुई है. इसकी उत्पत्ति कहीं और हुई है. यह धरती पर 60 हजार से 2 लाख साल के बीच लाया गया था. इंसान की आधुनिक प्रजाति यानी हम जिसे होमो-सैपिंयस कहते हैं वह किसी अन्य ग्रह से आई है. (फोटोः गेटी)

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साइंटिस्ट और लेखक रॉबर्ट सेफर ने कहा आधुनिक डीएनए सिक्वेसिंग को ध्यान में देखा जाए तो पता चलेगा कि इंसानियत किसी एक सिंगल रेस (Race) से पैदा नहीं हुई है. वह अफ्रीका के किसी इंसानी प्रजाति की वंशावली नहीं है. वह हाइब्रीडाइज्ड प्रजाति है. इंसान हाइब्रिड है. इंसानों के Rh निगेटिव खून के रहस्यों को आजतक सुलझाया नहीं गया है. अगर सारे इंसान अफ्रीका के किसी इंसानी प्रजाति की वंशावली होते तो सबका खून एक दूसरे से रिएक्ट नहीं करता. वह मिलता. इसलिए यह समझ नहीं आ रहा है कि Rh निगेटिव खून कहां से आया. (फोटोः गेटी)

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रॉबर्ट कहते हैं कि हर जाति (Race) के मरने के बाद दूसरी जाति वहां कब्जा जमा लेती है या फिर विकसित होती है. यहां से ज्ञान और यादों का पिटारा आगे बढ़ता रहता है. स्पेन और फ्रांस के लोगों में सबसे ज्यादा Rh निगेटिव खून है. 30 फीसदी आरएच निगेटिव खून और 60 फीसदी r निगेटिव जीन लेकर घूम रहे हैं. धरती पर 612 प्राइमेट प्रजातियां यानी वानरों की प्रजातियां मौजूद हैं. एक भी ऐसी नहीं है जिनका खून Rh निगेटिव हो. (फोटोः गेटी)