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यूपी: मथुरा में सजाई जा रही है कृष्ण जन्मस्थली, धूमधाम से मनाई जाएगी जन्माष्टमी

मथुरा में भगवान कृष्ण की जन्मस्थली पर जन्माष्टमी पर्व को बेहद भव्य तरीके से मनाया जाएगा. कृष्ण जन्मस्थली को पूरी तरह से सजा दिया गया है. मंदिर के बाहर और भीतर भी बेहद खूबसूरत सजावट की जा रही है.

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मथुरा में सजाई जा रही है भगवान कृष्ण की जन्मस्थली.
मथुरा में सजाई जा रही है भगवान कृष्ण की जन्मस्थली.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मंदिर में गूंजेगी शहनाई और नगाड़ों की आवाज
  • मंजिरिका पुष्प बंगले में भगवान होंगे विराजमान
  • दिव्य गौ प्रतिमा से होगा नंदलला का अभिषेक

उत्तर प्रदेश के मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली, जन्माष्टमी के लिए पूरी तरह से सज चुकी है. इस बार की जन्माष्टमी को यादगार बनाने के लिए मथुरा नगरी को सजाया जा रहा है. जन्माष्टमी के पर्व पर मथुरा नगरी जगमग होगी. कोरोना काल के बाद यह पहली बार होगा जब मथुरा नगरी  की सजावट इतनी भव्य होगी. 

श्री कृष्ण जन्मस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने आजतक के खास बातचीत में कहा, 'इस बार कोरोना थोड़ा कम है तो भगवान के जन्म के दिन होने वाले उत्सव को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा. 30 अगस्त को श्री कृष्ण जन्मस्थान पर मुरली वाले नंदलाल का यह उत्सव बेहद भव्य होगा.'

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति उत्सव को यादगार बनाने के लिए गर्भ गृह को प्राचीन कारागार की तरह से सजाया जा रहा है. मंदिर प्रशासन चाह रहा है कि जैसे द्वापर में कारागार में भगवान का जन्म हुआ था, वैसा ही नजारा उन्हें कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर मथुरा में नजर आए.

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कामधेनु की प्रतिमा से होगा नंदलला का अभिषेक

भागवत भवन में कृष्ण जन्मोत्सव का यह उत्सव मानाया जाएगा. वेणु मंजिरिका पुष्प बंगले में भगवान विराजमान होंगे. वहीं मोर-छल आसन में उनका अभिषेक किया जाएगा. भगवान का प्रकटोत्सव रजत कमल पुष्प में होगा. चांदी से बनाई गई कामधेनु की प्रतिमा से कृष्णलला का अभिषेक किया जाएगा. 

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मंदिर में गूंजेगा भव्य संगीत

जन्मस्थली के बाहर शहनाई, नगाड़े और अन्य वाद्य यंत्रों से मंदिर का माहौल भक्तिमय बनाया जाएगा. भक्त भगवान की मंगल आरती का दर्शन भी कर सकेंगे. यही वजह है कि पूरे मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है. मंदिर में उत्सव का मुख्य कार्यक्रम रात 11 बजे से शुरू होगा, फिर 12 बजे जन्माभिषेक होगा.

सजाई जा रही है कृष्ण जन्मस्थली.

1.30 बजे तक दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु

ढोल, नगाड़े, झांझ, मंजीरा और मृदंग बजाए जाएंगे. हरिबोल कीर्तन भी 12 बजे से शुरू हो जाएगा. मंदिर के प्रवेश द्वार पर बिना मास्क आने वाले भक्तों को मास्क दिया जाएगा. मंदिर में कोरोना नियमों का पूरी तरह से पालन अनिवार्य होगा. रात 1 बजकर 30 मिनट तक मंदिर खुला रहेगा. भक्त भगवान के दर्शन कर सकेंगे. 

श्रद्धालुओं के लिए बनाए जा रहे सामानघर

दर्शन के लिए मंदिर आने से पहले उन्हें अपना मोबाइल फोन, रिमोट की, रिंग, थैला, माचिस, सिगरेट, चाकू और ब्लेड जैसे उपकरणों को बाहर रखना होगा. मंदिर प्रशासन में इसे लेकर एंट्री नहीं मिलेगी. मंदिर में भक्तों को असुविधा न हो इसके लिए सामान रखने के लिए सामानघर की भी व्यवस्था कराई गई है.

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