शास्त्रों में तुलसी के बाद केले के पौधे को अत्यंत शुभ माना गया है. इसका सम्बन्ध बृहस्पति ग्रह से जोड़ा जाता है. शुभ कार्यों में केले के पौधे का मंडप और तोरण बनाने की परंपरा पायी जाती है. देव कार्यों में या देवताओं के लिए केले के पत्ते पर ही भोजन का प्रावधान है. केले की जड़ को पीले धागे में बांधकर धारण करने से बृहस्पति मजबूत होता है.
क्या लाभ है, केले के पौधे को लगाने का?
- केले का पौधा घर में लगाने से बृहस्पति सम्बन्धी तमाम समस्याएँ दूर होती हैं
- घर में संतान पक्ष हमेशा सुखी रहता है
- दाम्पत्य जीवन की कठिनाइयां नहीं आती हैं
- भयंकर रोगों से रक्षा होती है
केले के पौधे की पूजा करने से किस तरह के लाभ होते हैं?
- आर्थिक पक्ष अच्छा होता है
- संतान सम्बन्धी समस्याओं का निवारण होता है
- अविवाहित कन्याओं का विवाह शीघ्र हो जाता है
- महिलाओं का वैवाहिक जीवन उत्तम हो जाता है
- उच्च शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति में सहायता मिलती है
किस प्रकार करें केले के पौधे की पूजा
- बृहस्पतिवार को प्रातः काल स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें
- केले के पौधे में जल डालें, और केले के पौधे की नौ बार परिक्रमा करें
- पौधे के सामने गुड़ और चने का भोग लगायें
- फिर वहाँ पर बैठकर बृहस्पति अथवा श्री हरि विष्णु के मन्त्रों का जाप करें
- स्वयं भी प्रसाद ग्रहण करें और दूसरों को भी बांटें
केले के पौधे को लगाने की सावधानियां क्या हैं?
- केले के पौधे को घर के मुख्य द्वार पर न लगाएं
- इसको घर के पिछले हिस्से में ही लगाएं
- केले के पौधे के आसपास गंदगी न करें
- केले के तने में लाल धागा बांधकर रखें