scorecardresearch
 
Advertisement
धर्म

तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़

तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 1/10
आंध्र प्रदेश में तिरुपति के पास तिरुमाला की पहाड़ी पर भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर है. भगवान वेंकटेश्वर को वेंकटाचलपति या श्रीनिवास बाला जी के नाम से भी जाना जाता है. तिरुपति मंदिर का संचालन तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् ट्रस्ट की ओर से किया जाता है.
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 2/10
इस मंदिर की कुल संपत्ति को लेकर आधिकारिक तौर पर जानकारी उपलब्ध नहीं है. एक अनुमान के मुताबिक मंदिर की कुल संपत्ति 37,000 करोड़ आंकी गई है. लेकिन जहां तक सालाना चढ़ावे और आय का सवाल है तो आधिकारिक तौर पर इस मंदिर को सबसे अमीर हिन्दू मंदिर बताया जाता है.
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 3/10
हर साल आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में भी इस मंदिर का नाम अव्वल है. देवस्थानम की बैलेंस शीट में वर्ष 2019-20 के अनुमानित बजट में भारी भरकम 3116.26 करोड़ रुपए का बजट परिव्यय (आउट ले) दिखाया गया है.
Advertisement
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 4/10
देवस्थानम की बैलेंस शीट के मुताबिक इसे एक साल में ब्याज के तौर पर ही 885 करोड़ रुपए की आय हुई. ये ब्याज राष्ट्रीयकृत बैंक में सोना और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के डिपॉजिट पर मिला.
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 5/10
इसके अलावा साल में हुंडी (दान) के तौर पर 1156 करोड़ रुपए मंदिर को मिले. साथ ही प्रसाद के तौर पर लड्डू बेचने से 270 करोड़ रुपए देवस्थानम को आए. मंदिर की ओर से कई तरह के धर्मार्थ कार्य भी चलाए जाते हैं.
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 6/10
एक मोटे अनुमान के मुताबिक साल में धर्मार्थ कार्यों पर मंदिर की ओर से करीब 1000 करोड़ रुपए खर्च किए गए. इनमें अस्पताल, शिक्षण संस्थान, आवास जैसी कल्याण योजनाओं और धर्म प्रचार पर खर्च शामिल है. देवस्थानम ट्रस्ट की ओर से तिरुपति मुख्य मंदिर के अलावा कई और मंदिरों का भी अलावा संचालन किया जाता है.
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 7/10
पौराणिक महत्व-
मंदिर की वेबसाइट के अनुसार करीब 5000 वर्ष पहले भगवान वेकेंटेश्वर ने तिरुमाला को अपना स्थान बनाया. इससे पहले यहां भगवान वरहास्वामी का वास माना जाता था. ये मंदिर परिसर करीब 16.2 एकड़ में फैला है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचने के लिए तिरुमाला पहाड़ी पर पैदल चल कर भी जाते हैं.
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 8/10
इसके लिए दो सोपानमार्ग (सीढ़ियों का रास्ता) का सहारा लिया जाता है. एक सोपानमार्ग अलीपिरी से शुरू होता है. ये 11 किलोमीटर लंबा है. दूसरा सोपानमार्ग श्रीवारी मेत्तू से शुरू होता है जो 6 किलोमीटर लंबा है.
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 9/10
क्यों बाल छोड़ जाते हैं लोग?
तिरुपति बालाजी को भगवान विष्णु का ही रूप माना जाता है. इन्हें प्रसन्न करने पर देवी लक्ष्मी की कृपा अपने-आप भक्तों को मिल जाती है है और उनकी सारी परेशानियां खत्म हो जाती है. पौराणिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए यहां आने वाले कई श्रद्धालु इस तीर्थ धाम में बाल छोड़ जाते हैं.
Advertisement
तिरुपति धाम देश का दूसरा सबसे अमीर मंदिर, दान पेटी में हर साल 37,000 करोड़
  • 10/10
मान्यता है कि जो व्यक्ति अपने मन से सभी पाप और बुराइयों को यहां छोड़ जाता है, उसके सभी दुख देवी लक्ष्मी खत्म कर देती हैं. इसलिए यहां अपनी सभी बुराइयों और पापों के रूप में लोग अपने बाल छोड़ जाते है. ताकि भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी उन पर प्रसन्न हों और उन पर हमेशा धन-धान्य की कृपा बनी रहे.
Advertisement
Advertisement