जयपुर नगर निगम ने कोचिंग संस्थान में हुई घटना पर कार्रवाई करते हुए उस परिसर को सील कर दिया है, जहां से उत्कर्ष कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था. शहर के उत्कर्ष कोचिंग में जहरीली गैस फैलने से 12 छात्राएँ बेहोश हो गईं थीं. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. वहीं दो की हालत गंभीर हो गई, जिन्हें ICU में भर्ती किया गया.
बता दें कि उत्कर्ष कोचिंग शहर के गोपालपुरा इलाके में चलता था. इस घटना के बाद महेश नगर थाना के SHO कविता शर्मा ने बताया कि कोचिंग में गैस का स्रोत नहीं है. वहीं मामले की जांच के दौरान ये पता चला है कि कोचिंग के पीछे वाले नाले से जहरीली गैस फैली थी, जिससे कोचिंग की 12 छात्राएं बेहोश हो गईं.
'क्लास की खिड़कियां और दरवाजे बंद थे'
जहरीली गैस से बेहोश होने वाले 12 छात्रों में से सात को सोमानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है, वहीं डॉक्टर ने बताया कि इनमें से दो छात्राओं की स्थिति गंभीर होने की वजह से उन्हें ICU में भर्ती किया गया है. जबकि पांच छात्राओं का इलाज मानसरोवर स्थित मेट्रो मास अस्पताल में चल रहा है.
SHO कविता ने कहा कि इस कोचिंग की सभी खिड़कियां बंद थीं. और क्लास के दौरान दरवाजा भी बंद था. कोचिंग में जहरीली गैस का कोई उपकरण नहीं है और कोई गैस पाइपलाइन भी नहीं है. ऐसे में यह तेज गंध कैसे आई, इसकी जांच की जा रही है.
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'लापरवाही बरतने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही हो'
इस घटना पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अपने सोशल मीडिया 'x' पर लिखा है कि ये बेहद चिंताजनक घटना है और इसकी जांच होनी चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा है कि सरकार समस्त कोचिंग संस्थानों के लिए सुरक्षा नियम जारी कर उनकी सख़्ती से पालना करवाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो.