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सियासत के लिए बदनाम है EVM! क्यों नहीं थम रहा बवाल? देखें दस्तक

सियासत के लिए बदनाम है EVM! क्यों नहीं थम रहा बवाल? देखें दस्तक

पहले बैलेट पेपर से मतदान होता था. मतपत्रों की लूट होती थी. बैलेट बॉक्स में स्याही फेंककर वोटों को बर्बाद किया जाता था. बूथ कैप्चरिंग होती थी. फिर देश में निष्पक्ष चुनावों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन आई. 2009 से ईवीएम को हैक करके चुनाव जीतने के आरोप आज तक कई दलों के नेताओं ने लगाए लेकिन कभी ईवीएम हैक कोई करके दिखा नहीं सका. अभी पांच राज्यों के चुनाव के दौरान फिर ईवीएम सुर्खियों में है. क्योंकि जो EVM चुनाव से पहले और चुनाव के बाद सुरक्षित हाथों में दिखनी चाहिए, वो बीजेपी नेता की कार के बाद अबकी बार टीएमसी नेता के घर में बरामद हुई है. क्यों बदनाम हो रही है ईवीएम, देखें दस्तक, रोहित सरदाना के साथ.

The Election Commission on Friday suspended a Presiding Officer and three others for carrying an Electronic Voting Machine (EVM) in a vehicle that belonged to an Assam BJP candidate and ordered a repoll at a polling station in Ratabari seat of Assam. Much similar incident was repeated when several EVMs and VVPATs were found at the residence of a TMC leader Gautam Ghosh's residence in Uluberia, West Bengal, ahead of the polling. In this episode of Dastak, we will talk about that every time it goes for polls why new controversy arises on EVMs? watch the video.

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