केंद्र सरकार ने राजनीति में नैतिकता और अपराधीकरण को रोकने के उद्देश्य से संसद में तीन नए विधेयक पेश किए हैं. इन विधेयकों का लक्ष्य प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को पद से हटाना है, यदि वे गंभीर अपराधों के आरोप में जेल में हैं. प्रस्तावित कानून के अनुसार, अगर किसी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री को पांच साल से अधिक की सजा वाले अपराध में गिरफ्तार किया जाता है और वे 30 दिनों तक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें पद से स्वतः बर्खास्त मान लिया जाएगा.