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परिवार संग ज्यादा वक्त गुजारने के लिए फैलाते थे ट्रेन में बम की अफवाह, चौंका देगी यह कहानी

इंदौर में जीआरपी और पुलिस ने एक निजी कंपनी के दो ऐसे सफाई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया के जरिए ट्रेन में बम होने की अफवाह फैलाते थे. वो दोनों ऐसा इसलिए करते थे ताकि ट्रेन लेट हो जाए और उन्हें परिवार के साथ ज्यादा वक्त गुजारने का मौका मिले.

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पुलिस के हत्थे चढ़े अफवाह फैलाने वाले दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े अफवाह फैलाने वाले दोनों आरोपी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ट्रेन में बम की अफवाह फैलाने वाले दो लोग गिरफ्तार
  • ट्रेन लेट कराना होता था मकसद

अपने परिजनों के साथ ज्यादा वक्त गुजारने के लिए ट्रेन में बम होने की अफवाह फैलाना दो युवकों को भारी पड़ गया. दोनों आरोपी रेलवे में प्राइवेट कंपनी के जरिए ठेके पर सफाईकर्मी के तौर पर काम करते थे. रेलवे पुलिस और आरपीएफ ने दोनों को उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया है. 

परिवार के साथ ज्यादा वक्त गुजारने के लिए दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रेन में बम होने की सूचना देते थे, लेकिन जब संबंधित ट्रेनों की जांच लोकल पुलिस और रेलवे पुलिस द्वारा की जाती थी तो खबर फर्जी निकलती थी. ट्रेन में बम होने की अफवाह फैलाकर दोनों कर्मचारी धोखा देने का प्रयास करते थे, ताकि देरी हो और वो ज्यादा समय घर में रह सकें.

इस घटना को लेकर रेलवे एसपी निवेदिता गुप्ता ने बताया कि दोनों ही आरोपी मुंबई में रहते हैं और निजी कंपनी के ठेके पर सफाईकर्मी के तौर पर काम करते थे. इनकी ड्यूटी गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस में रहती है और अपने परिजनों के साथ ज्यादा वक्त गुजारने के लिए वो सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रेन में बम होने की सूचना देते थे.

अधिकारी ने कहा, जब संबंधित ट्रेनों की जांच लोकल पुलिस और रेलवे पुलिस द्वारा की जाती थी तो कुछ नहीं मिलता था. ट्रेन में बम होने की अफवाह फैलाकर दोनों कर्मचारी धोखा देने का प्रयास करते थे. इधर, 3 राज्यों की पुलिस भी इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही थी.

जीआरपी और पुलिस ने साइबर सेल की मदद से दोनों ही आरोपियों की पहचान की और उसके बाद दोनों को उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया गया. अब दोनों ही आरोपियों पर आईपीसी, साइबर क्राइम और रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम मिलन रजक और प्रमोद माली है.

इंदौर जीआरपी ने उज्जैन में गोरखपुर-बांद्रा ट्रेन में पहले विनोद माली को गिरफ्तार किया. उसने बताया कि मिलन रजक ही ट्वीट करता है, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपी पिछले कुछ दिनों से सूरत, गुजरात, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, बांद्रा, महाराष्ट्र क्षेत्र की ट्रेन में बम की अफवाह फैला रहे थे. 

पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते थे, इसलिए ऐसी अफवाह फैलाते थे ताकि ट्रेन लेट हो जाए और वह ज्यादा से ज्यादा समय परिवार के साथ बिता सकें.

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