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हाथों में तिरंगा और उफनती नदी... लहरों के बीच यूं निकाली गई Tiranga Yatra

इस Tiranga Yatra की खासियत यह थी कि यह नर्मदा नदी की उफनती लहरों के बीच निकाली गई. इस यात्रा में सैकड़ो लोगों ने उफनती नदी में 10 किलोमीटर तक तैरकर तिरंगा यात्रा पूरी की.

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नर्मदा नदी की उफनती लहरों के बीच तिरंगा यात्रा (फोटो- सोशल मीडिया)
नर्मदा नदी की उफनती लहरों के बीच तिरंगा यात्रा (फोटो- सोशल मीडिया)

मध्य प्रदेश के जबलपुर में तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra) निकाली गई, वह भी नर्मदा नदी की उफनती लहरों के बीच. सैकड़ो लोगों ने नदी में करीब 10 किलोमीटर तक तैरकर तिरंगा यात्रा पूरी की. स्वतंत्रता दिवस (15 August) के मौके पर ग्वारीघाट से तिलवाराघाट तक जाने वाली इस यात्रा का मकसद देश की अखंडता को बनाए रखना और युवाओं में देश भक्ति की भावना पैदा करना था.

पानी के बीच हाथों में तिरंगा लेकर निकाली गई यह यात्रा अपने आप में अनोखी थी. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों में देश भक्ति के जज्बे को उफनाती नर्मदा की लहरे भी नहीं रोक पाईं. बिना किसी की परवाह करते हुए 200 से ज्यादा तैराकों ने तिरंगा लेकर तैरते हुए पूरी यात्रा तय की.

तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra)

यात्रा में शामिल होने आए लोगों का कहना था एक दिन वो पाकिस्तान के हिस्से में बहने वाली सिंध नदी में भी नर्मदा नदी की तरह तिरंगा यात्रा निकालेगें. उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही पीओके भी भारत का अभिन्न अंग बनेगा.  
 
हर घर तिरंगा (Har Ghar Tiranga) अभियान के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे लोग नर्मदा के पानी में राष्ट्र ध्वज लेकर तिरंगा यात्रा में शामिल हुए. गले तक पानी में भी लोगों का जोश देखते ही बन रहा है. कुछ लोग नाव से भी यात्रा में शामिल हुए. पानी की धारा में लोगों की भीड़ देखना अपने आप में एक अलग अनुभव था. 

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इस यात्रा के आयोजक संजय यादव ने बताया कि एक दशक साल पहले महज चंद लोग इसमें शामिल होते थे. लेकिन साल दर साल कारंवा बढ़ते जा रहा है. उन्होंने कहा कि ये कारवां ऐसे ही बढ़ता रहेगा और हर युवाओं में देश भक्ति का जज्बा पैदा करता रहेगा.

 

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