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एक्सरसाइज करने से कम होता है अल्जाइमर का खतरा

एक्सरसाइज करने से सिर्फ सेहत को ही लाभ नहीं होता है, बल्कि अल्जाइमर जैसी घातक बीमारी का खतरा भी कम होता है. इस बात की जानकारी एक नई स्टडी की रिपोर्ट में दी गई है.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

सेहतमंद रहने के लिए हेल्दी डाइट के साथ एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो करना भी बेहद जरूरी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि नियमित तौर पर एक्सरसाइज करने से याददाश्त तेज होती है और अल्जाइमर बीमारी का खतरा कम होता है. इस बात की जानकारी एक नई स्टडी में दी गई है.

स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि एक्सरसाइज करने से शरीर में एक प्रकार का हार्मोन प्रोड्यूस होता है, जो याददाश्त को तेज कर के अल्जाइमर रोग के खतरे को कम करता है. यह स्टडी कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता Ottavio Arancio और Taub इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च ऑन अल्जाइमर डिजीज एंड द एजिंग ब्रेन द्वारा की गई है.

कुछ वर्षों पहले हुई स्टडी की रिपोर्ट में सामने आया था कि एक्सरसाइज करने से शरीर में आईरिसिन हार्मोन निकलता है. ये हार्मोन दिमाग के हिप्पोकैंपस हिस्से में न्यूरॉन की ग्रोथ को बेहतर करता है. इस पर जानकारी देते हुए Arancio ने बताया, 'इस स्टडी से ये जानने में मदद मिलेगी कि फिजिकल एक्टिविटी से किस तरह याददाश्त तेज होती है और अल्जाइमर जैसी घातक बीमारी से बचाव होता है.'

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उन्होंने आगे बताया, स्टडी के दौरान अपने साथियों के साथ मिलकर उन्होंने आईरिसिन हार्मोन और अल्जाइमर के बीच के संबंध के बारे में जानने की कोशिश की है. इसके लिए उन्होंने दिमाग के टीश्यूज की जांच की. नतीजों में सामने आया कि आईरिसिन हार्मोन दिमाग के हिप्पोकैंपस में मौजूद होता है. अल्जाइमर से पीड़ित लोगों में इस हार्मोन का स्तर कम हो जाता है.

शोधकर्ताओं ने ये एक्सपेरिमेंट चूहों पर कर के देखा. उन्होंने पाया आईरिसिन हार्मोन से चूहों की याददाश्त तेज हुई. जबकि, चूहों के दिमाग के हिप्पोकैंपस हिस्से से आइरिसिन का स्तर कम होने पर उनकी याददाश्त कमजोर हो गई.

शोधकर्ताओं ने इसके बाद ये जानने की कोशिश की एक्सरसाइज से किस तरह दिमाग और आईरिसिन हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है. शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन चूहों ने 5 हफ्तों तक प्रति दिन स्विमिंग की उनकी याददाश्त कमजोर नहीं हुई.

Arancio ने कहा, दवाई की मदद से आईरिसिन हार्मोन ब्लॉक होने पर स्विमिंग करने से भी याददाश्त में कोई फायदा नहीं हुआ. स्टडी के आधार पर ये कहा जा सकता है कि आईरिसिन हार्मोन डिमेंशिया से बचाव और इलाज करने में कारगर साबित हो सकता है.  

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