Sugar cravings in kids: बच्चों को मीठा खाना कितना पसंद होता है ये बात तो हम सभी जानते हैं. लेकिन क्रीम से भरे स्नैक्स और मीठी चीजों से जुड़े खतरे पेरेंट्स के लिए चिंता का विषय बन रहे हैं?ज्यादातर बच्चे प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कर रहे हैं, जिसमें चीनी और फैट भरी होती हैं और उनसे सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इन स्नैक्स में अक्सर फाइबर और प्रोटीन जैसे ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी होती है, जिससे ज्यादा खाने की आदत पड़ सकती है और शुगर का लेवल बढ़ना शुरू हो सकता है.
आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे मीठा खाने की आदत आपके बच्चों में मोटापे, मूड स्विंग्स और कम उम्र से ही सेहत से जुड़ी समस्याओं का कारण बन रही है. इन खतरों को समझना माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण है.
क्यों क्रीम से भरपूर स्नैक्स बच्चों के लिए खतरनाक हैं?
क्रीम से भरे स्नैक्स को इस तरह से बनाया जाता है कि उनसे दूर रहना बच्चों या बड़ों के लिए भी काफी मुश्किल होता है. वे मीठे होते हैं, मुंह में पिघल जाते हैं और उनमें फाइबर और प्रोटीन की कमी होती है, जो बच्चों को भरा हुआ रखने के लिए ज़रूरी हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन मीठी चीजों का सेवन करने से बच्चे इन्हें जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं. ये मीठी चीजें आसानी से मुंह में घुल जाती हैं और इनमें फाइबर के साथ ही प्रोटीन की मात्रा ना के बराबर होती है. जिस कारण इन्हें खाने से बच्चों का मन तो भर जाता है लेकिन पेट नहीं भर पाता और थोड़ी देर बाद ही उन्हें फिर से भूख लगने लगती है. ज्यादा मीठा खाने से बच्चे और भी ज्यादा कैलोरी लेने के आदी हो जाते हैं.
जब बच्चे मीठे स्नैक्स का सेवन करते हैं तो इससे उनके शरीर में ब्लड शुगर का लेवल तेजी से बढ़ने लगता है. इससे पैंक्रियाज को इंसुलिन रिलीज करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है ताकि शुगर लेवल को कम किया जा सके. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हाई इंसुलिन उनके ब्लड शुगर को कम करता है, जिससे बच्चे थके हुए और चिड़चिड़े हो जाते हैं. इसे शुगर क्रैश ने नाम से जाना जाता है. शुगर क्रैश के बाद, बच्चों को फिर से भूख लगती है, अक्सर उन्हें और अधिक मीठा खाने की इच्छा होती है.
लंबे समय में दिखने वाले नुकसान- शुगर क्रैश के अलावा मीठा खाने के और भी कई नुकसान देखने को मिलते हैं. मीठी चीजों का सेवन लगातार करने से बच्चों को भविष्य में कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इससे बच्चों में मोटापा, हार्मोनल इंबैलेंस, एंग्जायटी, डिप्रेशन, फैटी लिवर और कई बार लिवर फेलियर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि जो बच्चे रोजाना मीठे का सेवन करते हैं उन्हें मोटापे और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है.
इन हेल्दी विकल्पों को करें डाइट में शामिल
बच्चे की डाइट से मीठे को पूरी तरह से निकालना सही नहीं है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने बच्चे को घर पर बना मीठा ही खिलाएं. इसके लिए आप बच्चों के लिए घर पर ही चॉकलेट और केक आदि बना सकते हैं और इन्हें हेल्दी भी बना सकते हैं.. इसके अलावा प्रोटीन को बच्चे की डाइट में शामिल करें जिससे बच्चे को शुगर क्रेविंग का सामना ना करना पड़े.