शरीर जैसे-जैसे बुढ़ापे की तरफ जाता है, उसे स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और पोषण से भरपूर आहार की जरूरत होती है. वक्त के साथ उम्र बढ़ती है और शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जैसे मांसपेशियों का कम होना, मेटाबॉलिज्म का स्लो होना और हड्डियों का घनत्व कम होना. ऐसे में एक उम्र के बाद ऐसे खाद्य पदार्थों को सेवन शुरू कर देना चाहिए जो आपकी बढ़ती उम्र में भी शरीर को सेहतमंद रखने में मदद करते हैं.
भोजन में प्रोटीन बढ़ाएं
उम्र बढ़ने पर शरीर में मांसपेशियां कम होती जाती हैं. इसलिए भोजन में प्रोटीन स्रोतों को जरूर शामिल करें. आपको सब्जियों के साथ रोजाना दही, दाल, अंडे या पनीर जैसी चीजें भी खानी चाहिए. इससे शरीर में ताकत बनाए रखने, एनर्जी बनाए रखने, ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने और इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है.
कैल्शियम और विटामिन डी है जरूरी
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम रिच फूड्स जैसे दूध, दही और पनीर का सेवन करना चाहिए. इसके अलावा विटामिन डी, मैग्नीशियम और विटामिन K2 भी महत्वपूर्ण हैं. ये पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत रखने और चोट के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं. इसलिए अपने आहार में रागी, तिल, पत्तेदार साग, फर्मेंटेड फूड्स, मछली और घी जैसे हेल्दी फैट्स को शामिल करें.
पेट के लिए स्वस्थ खाद्य पदार्थ
अगर आपका पेट और पाचन तंत्र अच्छा रहता है तो आपका पूरा शरीर स्वस्थ रहता है. आपकी गट हेल्थ इम्युनिटी, नर्वस सिल्टम, हार्ट हेल्थ और यहां तक कि मूड को भी बेहतर बनाती है. इसलिए 60 यहां तक कि 55 साल की उम्र के बाद ही हर किसी को हरी सब्जियों, फलों, हल्के मसाले वाली दालों, दही, और कभी-कभार कांजी या अचार वाले सादा भोजन को अपनी डाइट का हिस्सा बना लेना चाहिए. ये पाचन को स्मूद रखने में काफी मददगार होते हैं.
मेंटल हेल्थ के लिए खाएं ये चीजें
थकान, भूलने की बीमारी और दिमाग की कमजोरी बढ़ती उम्र की संकेत है. लेकिन इसके अलावा ये अक्सर ब्लड शुगर के बिगड़ने का भी संकेत हो सकती है इसलिए भोजन में गुड फैट्स (नट्स, बीज), रंगीन सब्जियां, हल्दी और करी पत्ते या ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियां शामिल करें.
हाइड्रेटेड रहें और भोजन में लंबे गैप से बचें
बढ़ती उम्र में शरीर को हेल्दी रखने के लिए खूब पानी पिएं. शरीर में हाइड्रेशन पूरे बॉडी फंक्शन्स को बेहतर बनाए रखने में बेहद मददगार है. इसके अलावा बढ़ती उम्र में सही समय पर खाना और पीना जरूरी है. सुबह से रात तक के शेड्यूल को फिक्स करें और खाने की मील में लंबे गैप से बचें.