उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के नैनी स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (शुआट्स) के वाइस चांसलर आर.बी लाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरबी लाल की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. साथ ही यूपी सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं.
गौरतलब है कि 90 हिंदुओं का धर्मपरिवर्तन कराने के मामले में पादरी व अन्य के खिलाफ फतेहपुर की कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. इसमें 36 लोग नामजद हैं, जबकि 20 अज्ञात व्यक्तियों को धोखे से धर्म परिवर्तन कराने का आरोपी बनाया गया था. आरोप है कि यहां शहर के देवीगंज चर्च में फ्री शिक्षा, चिकित्सा, नौकरी, नगदी और सुंदर लड़की से शादी कराने का प्रलोभन देकर हिंदू युवक का धर्मांतरण कराया गया. पुलिस ने इस मामले में प्रयागराज के नैनी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (शुआट्स) के वाइस चांसलर आर बी लाल समेत 10 नामजद और 40 से 50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था.