उत्तर प्रदेश सरकार किसान सेवा केन्द्र की तर्ज पर राज्य में एक हजार 'ऐग्रो जंक्शन' खोलेगी . इस योजना के पीछे सरकार का मकसद कृषि शिक्षा प्राप्त नौजवानों को रोजगार देना है. ऐग्रो जंक्शन के माध्यम से किसानों को अपनी जरूरत के सभी उत्पाद एक ही जगह पर मिलेंगे.
सरकार की तरफ से यह जानकारी देते हुए मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि कृषि अर्थव्यवस्था और अवस्थापना सुविधाएं सरकार की प्राथमिकता हैं. इससे ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है. सरकार ने किसान हित में ही किसानों के नलकूप कनेक्शन के सभी लंबित मामलों का निस्तारण 31 मार्च, 2015 तक करने का फरमान अधिकारियों को दिया है.
चौधरी के मुताबिक लखनऊ, इटावा, मैनपुरी और झांसी में किसान बाजार का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है. जहां किसान सीधे अपना माल उपभोक्ताओं को बेच सकेंगे. बहराइच, बिजनौर, मथुरा, बरेली और बस्ती में नई मंडियों का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो गया है. खरीफ और रबी की फसलों के लिए प्रमाणित बीज वितरण का इंतजाम किया गया है.
रासायनिक खाद की अग्रिम व्यवस्था के लिए सरकार ने बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसके अलावा किसानों को मुफ्त सिंचाई के लिए 200 करोड़ रूपये भी रखे गए हैं. सरकार ने कम ब्याज पर किसानों को फसली ऋण देने के फैसले पर भी मुहर लगा दी है.