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यूपी: स्कूलों में बच्चों को जूते बांटने में लापरवाही, नंगे पैर आने को मजबूर

यूपी के अलग-अलग हिस्सों के सरकारी स्कूलों में जूते बांटे जाने में भारी लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है. अलग-अलग आयु-वर्ग के छात्र-छात्राओं को एक ही साइज के जूते बांटे जाने की बात कही जा रही है.  

प्रतीकात्मक फोटो (फाइल फोटो- AajTak) प्रतीकात्मक फोटो (फाइल फोटो- AajTak)

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के सरकारी स्कूलों में जूते बांटे जाने में भारी लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है. अलग-अलग आयु-वर्ग के छात्र-छात्राओं को एक ही साइज के जूते बांटे जाने की बात कही जा रही है.   

हमीरपुर जिले में बच्चे या तो नंगे पांव या फिर घिसे-पुराने जूतों में स्कूल आ रहे हैं. कक्षा 4 में पढ़ने वाली दीपांशी तिवारी ने बताया, 'मेरे जूतों का तला फट चुका है, ऐसे में मेरे पास नंगे पांव स्कूल आने के अलावा कोई चारा नहीं है, जो जूते का जोड़ा मुझे स्कूल से हाल में मिला वो बड़े साइज का था. मैंने उसे लौटा दिया. शिक्षकों ने मुझसे वादा किया है कि वो इसके बदले में जल्दी सही साइज का जूता दिलाएंगे.'  

कक्षा 4 में ही पढ़ने वाले विजेंद्र ने कहा, 'मैं बहुत खुश था जब मुझे स्कूल से जूते का नया जोड़ा और जुराब मिलीं, लेकिन मैं उन्हें पहन नहीं सका, क्योंकि वो अलग साइज के थे. मेरे पास और जूते या चप्पल नहीं है, इसलिए स्कूल नंगे पांव आना पड़ रहा है.'  

हमीरपुर में बेसिक शिक्षा स्कूल की प्रिंसिपल क्षमा देवी ने कहा, 'स्कूल को मिले अधिकतर जूते बड़े साइज के थे. कुछ छात्रों को दोनों ही बाएं या दाएं पैर में पहने जाने वाले जूते मिले. हमने अधिकारियों को ये जूते वापस कर दिए.'

बाराबंकी जिले के सिरौलीगसपुर ब्लॉक के बेसिक शिक्षा स्कूलों के हजारों छात्रों को विभाग की लापरवाही की वजह से अंजाम भुगतना पड़ रहा है. कई स्कूलों में छात्रों को छात्राओं के जूते बांट दिए गए. ब्लॉक में स्थित स्कूलों की ओर से कम से कम जूतों के चार हजार जोड़े विभाग को वापस कर दिए गए.

बाराबंकी जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने आजतक/इंडिया टुडे को बताया, 'हमने बच्चों से जूते वापस ले लिए हैं और इस मामले की शिकायत की है. उन्हें जल्दी ही जूते बदल कर मिलेंगे. हमने बच्चों के साइज भी लिए हैं जिससे उन्हें जूतों का सही जोड़ा मिले.'

इस बीच विपक्ष ने योगी आदित्यनाथ सरकार को जूते बांटने में लापरवाही को लेकर कठघरे में खड़ा किया है. इसी तरह की विभागीय लापरवाही लखनऊ, प्रयागराज और अन्य जिलों में भी सामने आई है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस नेता द्विजेंद्र त्रिपाठी ने कहा, 'इस सरकार ने स्कूली बच्चों का मखौल बना दिया. सरकार ने पहले सर्दियां बीत जाने के बाद स्कूलों में स्वेटर बांटे. इसी तरह पहले किताबें-बस्ते बांटे जाने में भी गड़बड़ी सामने आई थीं. सरकार को ऐसे लंबे चौड़े वादे नहीं करने चाहिए अगर वो बच्चों को दिए आश्वासन को पूरा नहीं कर सके.'   

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, 'ये पैकिंग से जुड़ा मामला हो सकता है जिसे ठीक कर दिया जाएगा. हम छात्रों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जबसे हमारी सरकार सत्ता में आई है, छात्र-छात्राओं को किताबों के साथ स्कूली बस्ते, जूते और जुराबें मुहैया कराए गए हैं.'

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