खतरनाक करतब से दूसरे का मनोरंजन करने के दौरान एक जादूगर की अपनी ही जान दांव पर लग गई. घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुई. 20 धारदार ब्लेड जब गले के रास्ते सड़क कर आंतों में पहुंच गया तो इस जादूगर को अपनी मौत नजर आने लगी और जिंदा रहने के लिए वह केवल तरल पदार्थों का सेवन करता रहा.
सिद्धार्थनगर जिले का रहने वाला जादूगर 20 ब्लेडों की माला धागों में पिरो कर लोगों को करतब दिखाता था और इस करतब के दौरान यह हादसा हो गया. उसके बाद जब ऑपरेशन हुआ तो जादूगर के पेट से ब्लेडों की माला निकली है. 22 वर्षीय जादूगर सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र का रहने वाला है.
जादूगर अपने हाथ की सफाई से यह करतब दिखाता था लेकिन उस दिन कुछ अलग ही हो गया और यह हादसा उसके लिए एक पर्याय बन गया है. ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. विवेक मिश्रा एंडोस्कोपी ,डॉक्टर विकास नारायण सिंह एमडी एनएसथीसिया और सहयोगी मिस्टर प्रिंस और कृष्ण की मजबूत टीम ने यह सराहनीय कार्य किया.
यह ऑपरेशन लगभग 1 घंटे चला, उसके बाद 20 ब्लेडों की धागे में पिरोई हुई माला पेट से बाहर आई. इसी धारदार ब्लेडों के धार से उसकी आंतों में कई जगह घाव भी हो गए, जिसका इलाज अभी भी डॉक्टर कर रहे हैं लेकिन ऑपरेशन के बाद अब वह सुरक्षित सिद्धार्थनगर चला गया है लेकिन उसकी दवाएं अभी भी लगातार चलेंगी.
गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर विवेक मिश्रा ने बताया कि इस ऑपरेशन में कई बड़े रिस्क थे, माला निकालने के दौरान ब्लेड की धार से मरीज की आंत फटने का खतरा बना हुआ था. इस खतरे को कम करने के लिए एंडोस्कोपी कैमरे के साथ रबड़ की थैली जोड़ी गई. इसके साथ ही क्रिसपिंग नेट और फॉरेन बॉडी रिमूवर का उपयोग किया गया.