बजट सत्र शुरू होने से एक दिन पहले भाजपा ने चेतावनी दी कि गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे जब तक भाजपा पर ‘हिन्दू आतंकी’ शिविर चलाने के अपने आरोप को वापस लेकर माफी नहीं मांगते संसद की कार्यवाही चल पाना संभव नहीं है.
संसद सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बुलाई जाने वाली पारंपरिक सर्वदलीय बैठक के बाद सुषमा ने कहा, ‘हम संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के पक्ष में हैं. लेकिन सदन अच्छे से चले, इसके लिए पूर्व शर्त यह है कि शिंदे ने हम पर जो आरोप लगाए हैं पहले उसका निराकरण हो.’
विपक्ष की नेता के अनुसार उन्होंने मीरा कुमार से कहा कि शिंदे गृह मंत्री होने के साथ लोकसभा में सदन के नेता भी हैं.
सुषमा स्वराज ने कहा, 'मैंने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि शिंदे ने आरोप लगाया है कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिन्दू और भगवा आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं. अगर ऐसा है तो मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के सदस्य के रूप में मेरा विपक्ष का नेता रहना और बीजेपी सदस्यों का सदन में आना उचित नहीं रहेगा. अत: सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए पहले इस बात का निराकरण किया जाए.’
उन्होंने कहा, 'अगर हम आतंकी शिविर चलाते हैं तो हमारे साथ आतंकियों का व्यवहार किया जाए. ऐसे में हम संसद के सदस्य कैसे रह सकते हैं?
उधर संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने उम्मीद जताई कि शिंदे मामले का निराकरण आज या कल चर्चा के जरिए कर लिया जाएगा.
कमलनाथ ने कहा, ‘संसदीय राजनीति में हर विषय पर सब दलों के बीच ‘सर्वसहमति’ संभव नहीं होती, लेकिन मोटा-मोटी सहमति बनाने का प्रयास होगा.’
सुषमा ने कहा मुख्य विपक्षी दल बजट सत्र के दौरान वीवीआईपी हेलिकाप्टर सौदे में कथित दलाली खाने के मामले सहित कई विषयों को उठाएगा. भाजपा की ओर से उठाए जाने वाले अन्य विषयों में महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति, मध्यप्रदेश में विनाशकारी ओलावृष्टि, डीजल और पेट्रोल के बढ़े दाम, पाकिस्तान के फौजियों द्वारा भारत के एक सैनिक की हत्या कर उसका शव क्षत विक्षत किया जाना, भारत-पाक वार्ता, मालदीव की स्थिति और चीन द्वारा भारत को चारों ओर से घेरने की रणनीति आदि शामिल हैं.
हेलिकाप्टर सौदा घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की सरकार की पेशकश पर उन्होंने कहा कि इस बारे में भाजपा एनडीए के सहयोगी और अन्य दलों से चर्चा करेगी.
यह पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी बजट को सुचारू रूप से पारित होने देगी, विपक्ष की नेता ने कहा कि 21 तारीख को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद 22 फरवरी तक अगर शिंदे अपना बयान वापस लेकर माफी मांग लेते हैं तो समस्या का निराकरण हो जाएगा.