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तीन तलाक बिल: ‘आज असहमत-कल सहमत’ कह JDU ने किया बहिष्कार

एनडीए में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी जनता दल (यू) ने सदन में इस बिल का बहिष्कार किया है. JDU की ओर से वशिष्ठ नारायण सिंह ने सदन में इसका ऐलान किया और अपनी बात कहकर सदन से बाहर चले गए.

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JDU की तरफ से वशिष्ठ नारायण सिंह ने किया विरोध
JDU की तरफ से वशिष्ठ नारायण सिंह ने किया विरोध

राज्यसभा में मंगलवार को तीन तलाक बिल पेश किया गया और इस पर चर्चा शुरू हुई. एनडीए में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी जनता दल (यू) ने सदन में इस बिल का बहिष्कार किया. JDU की ओर से वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा सदन में इसका ऐलान किया और अपनी बात कहकर सदन से बाहर चले गए. बता दें कि राज्यसभा में जेडीयू के कुल 6 सांसद हैं.

मंगलवार को चर्चा के दौरान वशिष्ठ नारायण सिंह ने तबीयत खराब होने की बात कहकर राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू से जल्द बोलने का वक्त मांगा. उसके बाद उन्होंने बोलना शुरू किया तो कहा कि विचार की यात्रा कभी खत्म नहीं होती है, जो सपना गांधी-जयप्रकाश और लोहिया ने देखा था, उसे समाज आज पूरा करने की कोशिश कर रहा है.

जेडीयू नेता ने कहा कि तीन तलाक, बाल विवाह जैसी चीज़ें समाज में अपनी जड़ जमा चुकी हैं, लेकिन इन्हें दूर करने में समय लगता है. तीन तलाक विधेयक सिर्फ एक सवाल है, इसपर बड़े पैमाने पर जागरूकता की जरूरत है. लोकतंत्र की यही खूबी है कि आज हम इस पर असहमत हैं, तो वहीं कल सहमत भी होंगे.

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इसी के साथ ही जदयू सांसद ने सदन का बहिष्कार करने का ऐलान किया. गौरतलब है कि जनता दल यू लगातार तीन तलाक बिल का विरोध करती रही है. JD(U) भी इस बिल के तहत तीन तलाक को आपराधिक करने का विरोध कर रही है.

जद (यू) के वॉकआउट करने के साथ ही राज्यसभा में बिल को पास करने की स्थिति और भी दिलचस्प हो गई है. कहा जा रहा है कि जदयू के अलावा YSR कांग्रेस, टीआरएस और AIADMK के सांसद भी वॉकआउट कर सकते हैं. राज्यसभा में अभी की संख्या के अनुसार बहुमत के लिए 121 का आंकड़ा चाहिए. वहीं बीजेपी के पास 104 (बीजद सहित) और विपक्ष के पास 109 की संख्या है. हालांकि, पार्टियों के वॉकआउट करने के बाद बहुमत का आंकड़ा गिर सकता है.

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