चीनी के दाम एकबार फिर बढ़ सकते हैं. शुगर मिल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से चीनी की कीमतों में इजाफा करने की मांग की है. केंद्र सरकार फिलहाल इस मांग पर विचार कर रही है.
महंगाई सांतवे आसमान पर है, त्योहारों का मौसम शुरु होने को है. ऐसे में चीनी के दाम एक बार फिर बढ़ सकते हैं. शुगर मिल एसोसियेशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि खुदरा में चीनी के दाम 2600 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक कर दिये जाएं.
यही नहीं सरकार चीनी के दामों को डी-कंट्रोल करने के बारे में भी गंभीरता से सोच रही है. इसके अलावा सरकार के पास राशन की दुकान में साढ़े तेरह रुपये किलो में मिल रही चीनी को साढ़े सत्रह रुपये करने का एक प्रस्ताव भी है.
केंद्रीय कृषिमंत्री फिलहाल इसबारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं लेकिन विपक्ष को इसपर बोलने का मौका मिल गया है.
बीजेपी नेता, गोपीनाथ मुंडे की मांग है कि सरकार ऐसी नीति लाए जिससे ग्राहक-किसानों दोनों का फायदा हो. चीनी की कीमतों को लेकर कांग्रेस भी परेशान है.
अगस्त के पहले हफ्ते में ही सरकार को चीनी के दामों को डी-कंट्रोल करने पर एक रिपोर्ट मिलने वाली है. खुद कृषिमंत्री चीनी के दामों को डी-कंट्रोल किये जाने की कई बार पैरवी कर चुके है.