राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि हम किसी से टकराव नहीं चाहते लेकिन यदि कोई ऐसा करेगा तो हमारी सेनाएं पहले की ही तरह ‘ईंट का जवाब पत्थर’ से देंगी.
हम किसी से टकराव नहीं चाहते
वायुसेना के स्थानीय महाराजपुर एयरबेस पर 47 स्क्वाड्रन तथा टेक्टिक्स एण्ड एयर कॉम्बेट डेवलपमेंट इस्टेब्लिशमेंट (टीएसीडीई) को ‘स्टेन्डड्सर्’ सौंपने के बाद एक समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हम किसी से टकराव नहीं चाहते, लेकिन कोई ऐसा करेगा तो हमारी सेनाएं देश के सम्मान की रक्षा करेंगी जैसा वे पहले से करती आ रही हैं.’’
देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए सबकुछ करेंगे
उन्होने कहा कि हम मजबूत रक्षा में विश्वास करते हैं और हमारे पास देश हित की रक्षा के लिए समृद्ध मारक क्षमता है. हम एक शांतिप्रिय देश हैं, लेकिन देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हम सभी प्रकार के कदम उठाएंगे. हमारे जवान देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हमेशा मजबूत इरादों के साथ तैयार रहते हैं. प्रतिभा ने वायुसेना के 47 स्क्वाड्रन और टीएसीडीई की तारीफ करते हुए कहा कि इस स्क्वाड्रन ने 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में सक्रिय भागीदारी निबाही और अब यह अपनी सेवा के 50 साल पूरे करने जा रहा है. इसी तरह टीएसीडीई एक बहुआयामी संगठन के रूप में उभर कर सामने आया है और यह अपने नवोन्मेषी काम को ऐसे ही जारी रखेगा.