देश आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा है और केंद्र इसे कम करने की कोशिशें लगातार कर रहा है. इसी सिलसिले में बुधवार को केंद्र ने आर्थिक घाटे को कम करने के लिए खर्चों में कटौती के कई उपायों की घोषणा की गई. पर मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने इन उपायों पर निशाना साधा है.
बीजेपी का आरोप है कि सब कुछ लुटाने के बाद होश में आने से क्या फायदा होगा.
दरअसल, सरकार ने नौकरी में नई भर्तियों और पांच सितारा होटलों में सरकारी बैठकों पर रोक लगा दी है. इसके अलावा, अधिकारियों की एक्जिक्यूटिव श्रेणी में विमान यात्रा पर भी पाबंदी लगाई गई है.
गुरुवार को बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, 'कांग्रेस सरकार द्वारा नौकरियों पर पाबंदी..... "बेरोजगारी के बिगुल के साथ सादगी का समारोह" ...सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या किया..'
आर्थिक वृद्धि और कर राजस्व संग्रह में धीमी वृद्धि से जूझ रही सरकार ने खर्चों में कटौती के और भी कई उपायों की घोषणा की है...
1. कोई भी नया वाहन नहीं खरीदा जाएगा.
2. सरकारी विभागों में नई नौकरियों के सृजन के बारे में मंत्रालय ने कहा है कि नए पदों पर पूरी तरह रोक होगी. एक साल से अधिक से रिक्त पड़े पदों को भी नहीं भरा जा सकेगा. केवल कुछ विशिष्ट या बेहद आवश्यक होने पर ही ये पद भरे जा सकते हैं.
3. विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों का आकार बेहद छोटा रखा जाएगा.
4. मितव्ययिता उपाय स्वायत्त सरकारी संस्थानों मसलन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और ऑल इंडिया रेडियो आदि पर भी लागू होंगे.
वित्त मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी प्रपत्र में इन उपायों के बारे में बताया गया है, जिनके जरिये गैर-योजनागत खर्च में 10 प्रतिशत कटौती की जाएगी.
चालू वित्त वर्ष (2013-14) में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.8 प्रतिशत पर सीमित रखने के मकसद से वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को ये निर्देश दिया है.