पंजाब पुलिस ने रविवार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थन प्राप्त खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े एक आतंक और फिरौती वसूली मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस नेटवर्क को BKI का सदस्य जीवन फौजी संचालित कर रहा था, जो पंजाब के सीमावर्ती जिलों में लोगों को धमकाकर पैसे वसूल रहा था.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि इस मामले में जीवन फौजी के दो सहयोगियों करजप्रीत सिंह (निवासी वेरोवाल) और गुरलाल सिंह उर्फ हरमन (निवासी गोइंदवाल साहिब, तरनतारन) को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने इनके पास से पॉइंट 30 बोर की एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस भी जब्त किया है.
DGP ने बताया कि जीवन फौजी ने अपने साथियों करजप्रीत और गुरलाल को अमृतसर क्षेत्र में एक फर्नीचर दुकान पर फायरिंग करने का निर्देश दिया था. यह फायरिंग दुकान मालिक के कनाडा में बसे एक रिश्तेदार से फिरौती मांगने की रणनीति का हिस्सा थी. इस घटना से क्षेत्र में दहशत फैलाने का प्रयास किया गया था.
अमृतसर के पुलिस आयुक्त (CP) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी दी कि दोनों आरोपियों को तरनतारन और फाजिल्का क्षेत्रों में की गई एक खुफिया-आधारित कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने सुल्तानविंड इलाके में फॉलो-अप सर्च ऑपरेशन चलाया, तो आरोपी गुरलाल सिंह ने छिपाई गई पिस्तौल को निकालने के बाद पुलिस टीम पर फायर करने की कोशिश की.
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिससे गुरलाल सिंह के बाएं पैर में गोली लगी. घायल आरोपी को तुरंत अमृतसर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. CP ने यह भी बताया कि शुरुआती जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि दोनों आरोपी जीवन फौजी के इशारों पर स्थानीय लोगों में भय फैलाकर उनसे पैसे वसूलने की साजिश में शामिल थे.
पुलिस ने कहा है कि इस मॉड्यूल के पीछे की संपूर्ण कड़ी को उजागर करने और आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए विस्तृत जांच जारी है.