scorecardresearch
 

पंजाब: PCS अधिकारियों ने वापस ली हड़ताल, भगवंत सरकार ने दी थी सस्पेंड करने की चेतावनी

भगवंत मान सरकार ने पीसीएस अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि आज दोपहर दो बजे तक ड्यूटी ज्वाइन कर लें नहीं तो उन्हें सस्पेंड कर दिया जाएगा. सरकार की चेतावनी के बाद पीसीएस अधिकारियों का एक डेलीगेशन एडिशनल चीफ सेक्रेटरी से मिला था, जिसके बाद हड़ताल वापस ले ली गई.

Advertisement
X
पंजाब सीएम भगवंत मान (फाइल फोटो)
पंजाब सीएम भगवंत मान (फाइल फोटो)

पंजाब सरकार की चेतावनी के बाद पीसीएस अधिकारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है. पंजाब के पीसीएस अधिकारी 9 से 14 जनवरी तक पांच दिन की सामूहिक छुट्टी पर थे. पंजाब के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी वेणु प्रसाद से मिलने के बाद अब वो काम पर लौटने के लिए तैयार हो गए हैं. 

पीसीएस अधिकारियों का एसोसिएशन अध्यक्ष रजत ओबरॉय के नेतृत्व में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी से मिला था. इससे पहले भगवंत मान सरकार ने पीसीएस अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि आज दोपहर दो बजे तक ड्यूटी ज्वाइन कर लें नहीं तो उन्हें सस्पेंड कर दिया जाएगा. सीएम भगवंत मान ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस रखती है. उनका धरना अवैध है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

फाइल फोटो

पंजाब के पीसीएस अधिकारियों का एसोसिएशन लुधियाना में पीसीएस अधिकारी नरिंद्र धालीवाल की गिरफ्तारी से नाराज थे. अधिकारियों ने राज्य सतर्कता ब्यूरो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. एसोसिएशन के अधिकारी 9 जनवरी से पांच दिन के सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर थे. 

लुधियाना के RTO की गिरफ्तारी के खिलाफ अधिकारी

पीसीएस अधिकारी नरिंदर सिंह धालीवाल लुधियाना में आरटीए के पद तैनात थे. सतर्कता ब्यूरो ने उन्हें शुक्रवार को अपने वाहनों के चालान जारी नहीं करने के लिए ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद पीसीएस एसोसिएशन ने आम सभा की बैठक की. इसमें 80 पीसीएस अधिकारी शामिल हुए. 

Advertisement

बैठक में कहा गया, "पीसीएस अधिकारी को अवैध, गलत और मनमाने ढंग से और उचित प्रक्रिया के बिना गिरफ्तार किया गया है." बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी पीसीएस अधिकारी 9 जनवरी से पूरा हफ्ते सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाएंगे. साथ ही कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा.  

हाई लेवल कमेटी करे मामले की जांच  

एसोसिएशन ने मांग की कि धालीवाल की अवैध गिरफ्तारी की जांच के लिए सरकार को एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करना चाहिए. इस कमेटी में प्रमुख सचिव रैंक के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ एक पीसीएस अधिकारी और परिवहन विभाग के प्रतिनिधि शामिल होने चाहिए. 13 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट मांगी जाए और 14 जनवरी को स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाए. 

18 नवंबर को अधिकारी के खिलाफ हुई थी शिकायत 

सतर्कता ब्यूरो ने बताया कि 18 नवंबर को मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन पर दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी धालीवाल कुछ निजी व्यक्तियों के जरिए विभिन्न ट्रांसपोर्टरों से मासिक आधार पर रिश्वत लेने में शामिल थे.

 

Advertisement
Advertisement