scorecardresearch
 

क‍िसानों ने मनाई आंदोलन वाली लोहड़ी, तीनों कृषि कानूनों की कॉपियां फूंकीं

क‍िसानों ने मनाई आंदोलन वाली लोहड़ी, तीनों कृषि कानूनों की कॉपियां फूंकीं

आज लोहड़ी है और गुस्से में आगबबूला हो रहे किसानों ने लोहड़ी की आग में तीनों की कृषि कानूनों की कॉपियां फूंक डालीं. इस तरह से जश्न वाली लोहड़ी आज आंदोलन वाली लोहड़ी बन गई. दिल्ली के बॉर्डर पर लोहड़ी की उठती लपटों में कृषि कानूनों की सुलगती कॉपियों का धुआं भी खूब उठा. लोहड़ी किसानों का सबसे बड़ा पर्व है, लेकिन आज ये पर्व आंदोलन की उस ज़मीन पर मनाया जा रहा है, जहां किसानों ने सौगंध ली है कि वो तब यहां से नहीं हटेंगे, जब तक मोदी सरकार तीना कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती. लोहड़ी के पर्व पर नई फसल की पूजा की जाती है. इस दिन लोहड़ी जलाने की परंपरा है, अग्नि जलाकर उसके चारों ओर चक्कर लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार लोहड़ी की परिक्रमा कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर की जा रही है. लोहड़ी पर अग्नि देवता को प्रसन्न किया जाता है, इसलिए अग्नि जलाई जाती है, मान्यता है कि ऐसा करने से दुखों का अंत होता है, और देवताओं का आशीर्वाद मिलता है और इसी अग्नि में खेतों में पैदा हुए अन्न को समर्पित करते हैं. अब किसान दिन और रात कड़ाके के ठंड में कृषि कानूनों के खिलाफ जिस लड़ाई को दिल्ली के बॉर्डर पर लड़ रहे हैं, वो चाहते हैं कि इस आंदोलन में उनकी जीत हो, और तीनों कृषि कानून रद्द हो जाएं.

Protesting farmers burnt copies of the contentious farm laws to mark the festival of Lohri on Wednesday. It comes a day after the farmer unions announced that they would not appear before the committee formed by the Supreme Court to resolve the deadlock over the contentious farm laws. Lohri is widely celebrated in Punjab and Haryana to mark the harvesting of Rabi crops. People traditionally celebrate it by circling around bonfires, throwing food items like peanuts, puffed rice, popcorn, etc. into the fire on the festive food.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें