भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति स्पष्ट की है कि अब परमाणु ब्लैकमेल नहीं चलेगा और आतंकी समर्थक सरकारों को अलग नहीं देखा जाएगा. 22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद कुछ लोगों ने देश के सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने वाली बयानबाजी की और ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए.