डिबेट में भारत की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर चर्चा हुई. एक पक्ष ने कहा कि 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था कमजोर थी, लेकिन अब यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. वहीं, दूसरे पक्ष ने शेयर बाजार में गिरावट, रोजगार के नुकसान और रुपये के लगातार कमजोर होने पर चिंता जताई.