
देश भर में इस बार मॉनसून (Monsoon) के सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपने अनुमान में बताया है कि इस बार मॉनसून अच्छा रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के उत्तर और दक्षिण भारत में सामान्य रहने की संभावना है, वहीं मध्य भारत में सामान्य से अधिक और पूर्व तथा पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम रहने का अनुमान है.
दक्षिण पश्चिम मॉनसून 2021 के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश में इस साल मॉनसून के सामान्य रहने का पूर्वानुमान है. महापात्र ने कहा कि इसके सामान्य दीर्घावधि औसत (एलपीए) के 96 से 104 प्रतिशत होने की संभावना है. यानी देश में जून से लेकर सितंबर तक 96 से 104 फीसदी बारिश हो सकती है. महापात्र ने कहा, 'मात्रात्मक रूप से, देश में मॉनसून की बारिश के एलपीए के 101 प्रतिशत होने की संभावना है.'
इन राज्यों में सामान्य रहेगा मॉनसून
मौसम विभाग के मुताबिक जून से सितंबर के बीच उत्तर पश्चिम भारत यानी पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान के कुछ इलाकों में 92 से 108 फीसदी बारिश होने की संभावना है जो कि सामान्य है. वहीं, दक्षिण भारत यानी केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और गोवा में 93 से 107 फीसदी बारिश के होने का अनुमान है जो कि सामान्य मानी जाती है.

यहां होगी ज्यादा बारिश
उत्तर पूर्व के राज्यों जैसे यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और मध्य प्रदेश के कुछ इलाके में सामान्य से कम यानी 95 फीसदी से कम बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, मध्य भारत के राज्य जो देश में वर्षा पर निर्भर खेती की जमीन से युक्त हैं, वहां सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक यहां 106 फीसदी से ज्यादा बारिश का अनुमान है.
INDIA METEOROLOGICAL DEPARTMENT
— India Meteorological Department (@Indiametdept)
Updated Long Range Forecast
For the 2021Southwest Monsoon Season Rainfall.
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कब आएगा मॉनसून? (When Is Monsoon Expected)
मौसम विभाग के मुताबिक केरल में मॉनसून के आगमन में दो दिन की देरी की संभावना है. अनुमान के मुताबिक केरल में 3 जून तक मॉनसून के पहुंचने का अनुमान है. एम महापात्रा ने बताया कि कर्नाटक तट पर चक्रवातीय परिसंचरण के चलते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की चाल प्रभावित हुई है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 'एक जून से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं धीरे-धीरे जोर पकड़ सकती हैं, जिसके चलते केरल में बारिश से जुड़ी गतिविधि में तेजी देखी जा सकती है. इसी के आधार पर यह अनुमान है कि केरल में 3 जून के आसपास मॉनसून पहुंच सकता है.'
दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने से बारिश के आसार बनेंगे और इसी के साथ अगले 5 दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ स्थानों में भारी बारिश हो सकती है. केरल में मॉनसून के दस्तक देने के साथ ही देश में 4 महीने तक चलने वाली वर्षा ऋतु शुरू की शुरुआत हो जाएगी.