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बंगालः ममता आज 10.45 बजे लेंगी CM पद की शपथ, समारोह में गांगुली-दिलीप घोष आमंत्रित

पश्चिम बंगाल में तीसरी बार ममता बनर्जी की सरकार बनने जा रही है. ममता बनर्जी बुधवार सुबह तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी. बाकी विधायकों का शपथ ग्रहण गुरुवार और शुक्रवार को होगा. 

टीएमसी ने 213 सीटों पर जीत हासिल की है. (फाइल फोटो-PTI) टीएमसी ने 213 सीटों पर जीत हासिल की है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगी ममता बनर्जी
  • बाकी विधायक गुरुवार-शुक्रवार को लेंगे शपथ
  • सौरव गांगुली, दिलीप घोष को निमंत्रण भेजा

पश्चिम बंगाल में तीसरी बार ममता बनर्जी की सरकार बनने जा रही है. ममता बनर्जी बुधवार सुबह तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी. ममता का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के टाउन हॉल में होगा. इसके बाद ममता बनर्जी राज्य सचिवालय जाएंगी. बाकी विधायकों का शपथ ग्रहण गुरुवार और शुक्रवार को होगा. 

जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी का शपथ ग्रहण समारोह आज सुबह 10:45 पर राजभवन के टाउन हॉल में होगा. समारोह में प्रशांत किशोर समेत टीएमसी के बड़े नेता शामिल होंगे. उनके अलावा क्रिकेटर सौरव गांगुली, पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, वाममोर्चा से विमान बोस, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है.

ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी चुनावों में भले ही 2016 से भी बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब रही हो, लेकिन ममता खुद नंदीग्राम से बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से हार गईं. अब क्योंकि ममता विधायक नहीं हैं और सीएम बनने जा रही हैं तो संविधान के मुताबिक उन्हें अगले 6 महीने में विधायक का चुनाव जीतना होगा. 

ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. पहली बार वो 2011 में मुख्यमंत्री बनी थीं. तब उन्होंने बंगाल में 34 साल से काबिज लेफ्ट का सफाया कर दिया था. जिसके बाद 2012 में टाइम मैग्जीन ने उन्हें दुनिया की 100 प्रभावशाली हस्तियों की लिस्ट में जगह दी थी. इसके बाद 2016 में ममता दूसरी बार सीएम बनीं.

5 जनवरी 1955 को कोलकाता में जन्‍म लेने वाली ममता केंद्र में दो बार रेल मंत्री रह चुकी हैं. उन्‍हें देश की पहली महिला रेल मंत्री बनने का गौरव प्राप्‍त है. ममता ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी. लेकिन मतभेद के चलते 1997 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और अगले ही साल 1 जनवरी 1998 को तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की. उसके बाद ममता ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को समर्थन दिया और रेल मंत्री बनीं. उसके बाद उन्होंने यूपीए सरकार को भी समर्थन दिया. हालांकि, 2009 में उन्होंने यूपीए से खुद को अलग कर लिया.  

बंगाल की 292 विधानसभा सीटों के नतीजे रविवार को आ गए. चुनावों में सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने 213 सीटें हासिल की हैं.  वहीं, बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत दर्ज की है. अन्य के खाते में दो सीटें आई हैं. लेफ्ट और कांग्रेस का तो सूपड़ा साफ हो गया है.

शपथ से पहले ही ममता एक्टिव
ममता बनर्जी शपथ से पहले ही एक्टिव हैं. उन्होंने मंगलवार को कोलकाता नगर निगम के बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर को रिन्यू कर दिया है, जो चुनाव आयोग की तरफ से खारिज कर दिया गया था. दरअसल, कोलकाता में मार्च में नगर निगम के चुनाव होने थे, लेकिन कोरोना की वजह से चुनाव टाल दिए गए. इसलिए चुनाव आयोग ने बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर को रिन्यू करने से मना कर दिया था. हालांकि, ममता ने अब फिर से अगले चुनाव तक रिन्यू कर दिया है. इससे एक बार फिर पूर्व मेयर फिरहाद हकीम बोर्ड के चेयरमैन बन गए हैं.

 

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