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तेजधार चाइनीज मांझे ने ली बाइक सवार की जान, गले में फंसने से कट गई श्वास नली

पुणे जिले के दौंड शहर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां पतंग उड़ाने वाले चाइनीज मांझे से एक बाइक सवार का गला कट गया. लोग उसे गंभीर हालत में तुरंत जिला अस्पताल ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया. मृतक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला था. वह यहां फ्लोरिंग सप्लायर के रूप में काम करता था.

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चाइनीज मांझे ने ली बाइक सवार की जान. (Representational image)
चाइनीज मांझे ने ली बाइक सवार की जान. (Representational image)

महाराष्ट्र में पुणे जिले के दौंड शहर में चाइनीज मांझे से एक बाइक सवार का गला कट गया, इससे बाइक सवार की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति पतंग उड़ा रहा था, जिसका मांझा बाइक सवार के गले में फंस गया था. इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला बताया जा रहा है.

मृतक की पहचान 45 वर्षीय पन्नालाल यादव निवासी गोरखपुर यूपी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि मृतक फ्लोरिंग सप्लायर का काम करता था. वह शनिवार दोपहर पन्नालाल बाइक से काम पर जा रहा था. उसी दौरान दौंड में नगर मोरी चौक पर एक व्यक्ति पतंग उड़ा रहा था. 

गले में उलझ गया मांझा, कट गई बाइक सवार की श्वास नली

पतंग से चाइनीज मांझा जुड़ा हुआ था, जो पन्नालाल यादव के गले में उलझ गया और इससे पन्नालाल का गला कट गया. आनन-फानन में पन्नालाल को लोग इलाज के लिए उप जिला अस्पताल ले गए.

अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि मांझे के कारण पन्नालाल की श्वास नली कट गई है. दौंड उप जिला अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दत्तात्रेय वाघमोड़े, डॉ. लाड, डॉ. बर्टे ने पन्नालाल का इलाज किया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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बाजारों में चोरी-छिपे बिक रहा है तेजधार मांझा

सांस छीन लेने वाला ये तेजधार मांझा चोरी-छिपे बिक रहा है. ये सूती धागे वाले मांझे की तुलना में काफी मजबूत होता है और इसकी डिमांड भी अधिक रहती है. सामान्य मांझा इस मेटल कोटेड मांझे की तुलना में कम खतरनाक होता है, लेकिन ये डिमांड में नहीं है.

वजह ये है कि चीनी मांझा बनाने में प्लास्टिक या नायलॉन का उपयोग होता है. पतंगबाजी में स्वदेशी मांझे को पटखनी देने वाला चाइनीज मांझा बाजार में भले ही चोरी-छिपे बेचा जा रहा हो, बच्चे इसे ही खरीदना चाहते हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि वे ये बिल्कुल नहीं चाहते कि किसी कीमत पर उनकी पतंग कटे और उसे लूटा जा सके.

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