मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा की झूठ बोलकर जनता को गुमराह करना भाजपा का असली चरित्र है. केंद्र सरकार द्वारा हर राज्य को राशि दी जाती है वह राशि केंद्र ने मध्य प्रदेश को दी.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को एक बयान जारी कहा, "किसानों को समर्थन मूल्य पर दस हजार करोड़ रुपए की राशि देना राहत नहीं है बल्कि किसानों द्वारा अपनी मेहनत से जो फसल उपजाई है, जिसकी खरीदी की गई है उसका मूल्य सरकार ने चुकाया है ,उन्हें कोई खैरात नहीं दी है. यह तो हर राज्य सरकार का फर्ज है. इसमें किस बात की तारीफ है? यह राशि केन्द्र सरकार के द्वारा दी जाती है और देश के सभी राज्यों को यह मिलती है."
प्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश का
— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath)
आमजन , यहाँ तक की ख़ुद शराब के ठेकेदार भी नहीं चाहते है कि प्रदेश में शराब की दुकाने अभी खुले लेकिन शिवराज सरकार चाहती है कि इस महामारी में भले धार्मिक स्थल ना खुले ,
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राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर पूर्व में कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं आज भी इस बात पर कायम हूं कि जब कांग्रेस सत्ता में आयी थी तब प्रदेश की वित्तीय स्थिति बेहद खराब थी, जिसकी पुष्टि स्वयं भाजपा सरकार मे वित्त मंत्री रहे जयंत मलैया ने भी की थी.'
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा, 'राज्य को 16 हजार करोड़ की राशि मिली, उसमें से 10 हजार करोड़ रुपये से समर्थन मूल्य पर किसानों से उनकी उपज खरीदी गई है, इसके अलावा तीन हजार करोड़ से अधिक की राशि केन्द्रीय योजनाओं के मदद की है जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मध्याह्न् भोजन योजना, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना आदि शामिल है.
पूर्व मुख्यमंत्री नें कहा, "शिवराज ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्हें अपने प्रदेश की स्थिति का कोई ज्ञान नहीं है और वे सिर्फ झूठे प्रचार के जरिए अपनी तारीफ के कसीदे पढते रहते है. कांग्रेस और भाजपा सरकार में फर्क यह है कि हमारी सरकार काम करने वाली सरकार थी और भाजपा की सिर्फ बातें करने वाली सरकार है. प्रदेश की जनता भी इस सच्चाई को जानती है.'