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हामिद अंसारी के बयान पर किरेन रिजिजू का पलटवार - भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित देश

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी (Hamid Ansari) ने गणतंत्र दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि भारत में असहिष्णुता बढ़ी है. उन्होंने कहा कि भारत अपने संवैधानिक मूल्यों से दूर जा रहा है.

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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू. -फाइल फोटो केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू. -फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हामिद अंसारी ने 26 जनवरी को की थी सरकार की आलोचना
  • पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा था- संवैधानिक मूल्यों से दूर जा रहा देश

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने जो कहा है वह गलत है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं भी अल्पसंख्यक समुदाय से आता हूं और मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित राष्ट्र है. उन्होंने कहा कि हमारे किसी भी पड़ोसी देश में परेशानी का सामना कर रहे अल्पसंख्यक भारत में शरण लेना पसंद करते हैं क्योंकि भारत सुरक्षित है. आइए अपने महान राष्ट्र के आभारी रहें.

 

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गणतंत्र दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत अपने संवैधानिक मूल्यों से दूर जा रहा है. हामिद अंसारी ने कहा कि हालिया सालों में ऐसे ट्रेंड्स उभरे हैं जो पहले से स्थापित नागरिक राष्ट्रवाद के खिलाफ हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की काल्पनिक व्यवस्था को लागू करते हैं.

अंसारी ने कहा, ये चुनावी बहुमत को धार्मिक बहुमत के रूप में पेश करते हैं और राजनीतिक शक्ति पर एकाधिकार करना चाहते हैं. ऐसे लोग चाहते हैं कि लोगों को उनकी आस्था के आधार पर बांट दिया जाए और असुरक्षा को बढ़ावा दिया जाए.

अंसारी को मिला था अमेरिकी सांसदों का साथ

इस कार्यक्रम में अंसारी की बातों को अमेरिकी सांसदों का साथ भी मिला था. इस कार्यक्रम में अमेरिकी सांसद एड मर्की, जिम मैकगवर्न, एंडी लेविन और जेमी रस्किन भी शामिल हुए थे. इन तीनों ने भी यहां भारत के खिलाफ बातें कहीं.

सीनेटर एड मर्की का भारत विरोधी रवैया अपनाने का इतिहास रहा है. उन्होंने इस कार्यक्रम में कहा कि भारत सरकार अल्पसंख्यकों की प्रथाओं को टारगेट कर रही है और ऐसा माहौल बना रही है जो हिंसा और भेदभाव को बढ़ा रही है. 

इस दौरान जेमी रस्किन ने कहा कि भारत में धार्मिक अधिनायकवाद और भेदभाव की समस्याएं बढ़ी हैं. इसलिए हम चाहते हैं कि भारत धार्मिक स्वतंत्रता और सहिष्णुता के रास्ते पर बना रहे. वहीं, एंडी लेविन ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज पिछड़ रहा है. वहां मानवाधिकारों पर हमले और धार्मिक राष्ट्रवाद बढ़ रहा है. 

 

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