राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण बढ़ जाता है. इसको लेकर दिल्ली सरकार ने गुरुवार को 28 विभागों के साथ अहम बैठक की. अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 1 अक्टूबर को विंटर एक्शन प्लान लांच करेंगे. ये प्लान 15 फोकस पॉइंट पर आधारित होगा. बता दें कि प्रदूषण की वजह से राजधानी दिल्ली में पटाखों पर पिछले हफ्ते ही रोक लगाई है.
बैठक के बाद पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के हर सोर्स को खत्म करने के लिए सरकार ने काम किए हैं. दिल्ली में PM10 में 42 फीसदी और PM2.5 में 46 फीसदी की गिरावट आई है. प्रदूषण के हिसाब से 2016 में सबसे खतरनाक दिन 26 हुआ करते थे, जो पिछले साल केवल 6 रहे गए हैं.
गोपाल राय ने बताया कि सर्दियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने विंटर एक्शन प्लान बनाने का फैसला किया है. एक्सपर्ट से चर्चा के बाद गुरुवार को 28 विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक हुई. इस बैठक में 15 प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं और 25 सितंबर तक सभी विभागों से उनका प्लान सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा प्रदूषण के 13 हॉट स्पॉट्स के लिए अलग से 13 टीमों का गठन किया गया है, ये टीम सेपरेट प्लान सौंपेंगी.
IIT कानपुर के एक्सपर्ट द्वारा आर्टिफिशियल रैन पर दिए सुझाव के बारे में बताते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि एक्सपर्ट्स ने बताया कि जहां बारिश नहीं होती, वहां उन्होंने आर्टिफिशियल रैन की है. हमने उन्हें कहा है कि दिल्ली स्पेसिफिक कोई प्रेजेंटेशन तैयार करें तो सीएम के साथ चर्चा करके उसको एक्सप्लोर करेंगे.
विंटर एक्शन प्लान के तहत मुख्य तौर पर 15 सूत्रीय फोकस बिंदु चिंहित किए गए है. जिसके आधार पर आगे का विंटर एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा.
ये हैं 15 फोकस बिंदु एवं उसकी नोडल एजेंसी:
1. हॉट स्पॉट- हॉट स्पॉट पर निगरानी का काम करने के लिए एमसीडी, डीपीसीसी, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, डीडीए, डीएसआईआईडीसी को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है
2. पराली- पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की समस्या को लेकर विकास एवं राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है.
3. धूल प्रदूषण- धूल प्रदूषण के लिए पीडब्लूडी , एमसीडी, डीसीबी, एनडीएमसी, डीडीए, सीपीडब्लूडी, आई एन्ड एफसी, डीएसआईआईडीसी, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली मेट्रो और राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है
4. वाहनों से होने वाले प्रदूषण- इसके लिए नोडल एजेंसी के तौर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, ट्रांसपोर्ट विभाग , डीआईएमटीएस, डीटीसी, दिल्ली मेट्रो और जीएडी को नियुक्त किया गया है
5. ओपन कूड़ा बर्निंग- इसके लिए नोडल एजेंसी के तौर पर एमसीडी , एनडीएमसी, डीसीबी, विकास विभाग , आई एन्ड एफसी, दिल्ली फायर सर्विस , डीडीए एवं राजस्व विभाग को नियुक्त किया गया है
6. औद्योगिक प्रदूषण के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर एमसीडी, राजस्व , डीएसआईआईडीसी और डीपीसीसी को नियुक्त किया गया है
7. ग्रीन वार रूम एवं ग्रीन ऐप- इसको और बेहतर बनाने के लिए डीपीसीसी को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है
8. रियल टाईम अपोरशमेंट स्टडी- इसके लिए आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. जिससे की रियल टाईम प्रदूषण से संबंधित कारणों का पता चल सके. डीपीसीसी को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है.
9. पटाखे पर प्रतिबंध- पटाखे जलाने पर रोक लगाने के लिए भी पर्यावरण विभाग और दिल्ली पुलिस को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है.
10. हरित क्षेत्र को बढ़ाना- दिल्ली में हरित क्षेत्र को बढ़ाने पर ज़ोर देते हुए वन विभाग को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है.
11. अर्बन फार्मिग के लिए नोडल एजेंसी पर्यावरण और वन विभाग को बनाया गया है.
12 . ई-वेस्ट ईको पार्क- ई वेस्ट ईको पार्क जीरो वेस्ट पॉलिसी पर बनाया जा रहा है. इसकी नोडल एजेंसी पर्यावरण विभाग, डीएसआईआईडीसी और एमसीडी को नियुक्त किया गया है.
13. जन जागरूकता के लिए नोडल एजेंसी पर्यावरण विभाग और DPCC को नियुक्त किया गया है.
14. केन्द्र सरकार एवं पड़ोसी राज्यों के साथ संवाद- दिल्ली में देखा गया है की प्रदूषण को बढ़ाने में आसपास के राज्य के कारक भी प्रमुख भूमिका निभाते है, इसी कारण केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा, नोडल एजेंसी पर्यावरण विभाग को नियुक्त किया गया है.
15. ग्रेप लागू किया जाएगा.