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दिल्ली: अब जहां पर झुग्गी वहां पर मकान नहीं मिलेगा, सत्येंद्र जैन ने बताया योजना रोकने का कारण

जानकारी के लिए बता दें कि जहां झुग्गी वहीं मकान केजरीवाल सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इस योजना के तहत दिल्ली में झुग्गी में रहने को मजबूर लोगों को सम्मान वाली जिंदगी देने पर जोर था.

अब जहां पर झुग्गी वहां पर मकान नहीं मिलेगा, सत्येंद्र जैन ने बताया अब जहां पर झुग्गी वहां पर मकान नहीं मिलेगा, सत्येंद्र जैन ने बताया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अब जहां पर झुग्गी वहां पर मकान नहीं मिलेगा
  • केंद्र की योजना ने केजरीवाल के ड्रीम प्रोजेक्ट पर लगाई रोक
  • सत्येंद्र जैन ने बताया योजना रोकने का कारण

दिल्ली सरकार की महत्वकांक्षी योजना 'जहां झुग्गी वहीं पर मकान' पर कुछ समय के लिए रोक लग गई है. दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कुछ समय के लिए जहां झुग्गी वहीं पर मकान नहीं दिया जाएगा. उन्होंने केंद्र की ही एक दूसरी योजना को इसके लिए जिम्मेदार बता दिया है.

क्यों नहीं बनेंगे जहां झुग्गी वहीं पर मकान?

बयान में सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली सरकार 47,511 छोटे घर स्लम के लोगों के लिए बना रही थी, उनमें से काफी घर तैयार हो चुके हैं, 9104  के लिए पैसे भी आ चुके थे. लेकिन केंद्र ने आदेश दिया कि इन सभी 47 हजार घरों को स्लम के लिए न देकर 'एफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम' के तहत सौंपा जाए. केंद्र को इस सिलसिले में पत्र लिखा गया है. हम अब स्लम वालों को घर नहीं दे पाएंगे. DDA ने भी हमसे 9535 घर मांगे थे, लेकिन अब हम उन्हें भी घर नहीं दे पाएंगे.

जानकारी के लिए बता दें कि जहां झुग्गी वहीं मकान केजरीवाल सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इस योजना के तहत दिल्ली में झुग्गी में रहने को मजबूर लोगों को सम्मान वाली जिंदगी देने पर जोर था. योजना के तहत झुग्गी में रह रहे परिवारों को पक्के फ्लैट में शिफ्ट करने की तैयारी थी. सरकार ने लक्ष्य रखा था कि 2025 तक इस मिशन को पूरा कर लिया जाएगा और दिल्ली को झुग्गी मुक्त घोषित किया जाएगा. 

क्या था केजरीवाल का प्लान?

इस योजना के जरिए कुल 89,400 फ्लैट्स का निर्माण होना है. वहीं तीन चरणों में एक तय प्रक्रिया के तहत इन फ्लैट्स में झुग्गी में रह रहे परिवारों को शिफ्ट करना था. कुछ फ्लैट्स का निर्माण तो पूरा भी हो चुका है और सीएम केजरीवाल ने भी काम में तेजी लाने के निर्देश दे रखे हैं. लेकिन अब उस प्रोजेक्ट पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग गया है.

केंद्र की कौन सी योजना है?

सत्येंद्र जैन के मुताबिक केंद्र इस योजना के बदले अपनी अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम को सक्रिय करना चाहती है. इस योजना के तहत भी मजदूरों को किराए पर मकान देने की पेशकश है. योजना के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाले लोगों को ये घर उपलब्ध करवाए जाएंगे. केंद्र इसके लिए 600 करोड़ तक खर्च कर रही है. अब दिल्ली सरकार का कहना है कि जो फ्लैट पहले 'जहां झुग्गी वहीं पर मकान' के तहत बनाए जा रहे थे, केंद्र अब उन्हीं फ्लैट्स को अपनी योजना के लिए इस्तेमाल करना चाहता है.

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