scorecardresearch
 

छत्तीसगढ़: नारायणपुर में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़, 2 नक्सली ढेर

सुरक्षा बल पिछले दो दिनों से नक्सली कोर इलाके में बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चला रहे हैं. इस अभियान में जिला पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बल शामिल हैं.

Advertisement
X
नक्सलियों और सुरक्षा बलों में मुठभेड़
नक्सलियों और सुरक्षा बलों में मुठभेड़

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नारायणपुर जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की जानकारी सामने आई है. जिले के अबूझमाड़ के घने जंगलों में भीषण मुठभेड़ शुरू हुई. सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में अब तक दो नक्सली मारे गए हैं. सुरक्षा बल पिछले दो दिनों से नक्सली कोर इलाके में बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चला रहे हैं. इस अभियान में जिला पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बल शामिल हैं.

हालांकि, हताहतों की तादाद की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है. तलाशी अभियान जारी रहने की वजह से इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

नए आंकड़ों में बदलते हालात

पिछले कुछ दिनों से नक्सली हिंसा से जुड़े मामलों में भारी गिरावट देखी गई है. ये बात हाल ही में जारी हुए आंकड़ों में सामने आई है. 1440 आत्मसमर्पण, 1464 गिरफ्तारियां, 821 हथियारों और 1360 बारूदी सुरंगों की बरामदगी हुई है. इससे यह पता चलता है कि सिक्योरिटी फोर्सेज ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है, जिसका जमीन पर असर हुआ है.

बता दें कि 123 महिला नक्सलियों ने सरेंडर किया और 79 महिलाएं गिरफ्तार हुईं. इससे यह पता चलता है कि नारी शक्ति भी बदलाव का बड़ा हिस्सा बन रही है. नक्सलियों की एक्टिविटीज में कमी और सरेंडर में बढ़ोतरी सरकार की रणनीति की सफलता को साबित करती है

Advertisement

यह भी पढ़ें: बस्तर की नई पहचान: बंदूक से विकास तक की यात्रा, 2026 तक नक्सलवाद का होगा पूरा सफाया

सरकार ने सरेंडर करने वालों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था शुरू की है. ‘नियद नेल्ला नार’ स्कीम जैसे प्रोग्राम्स के जरिए सरकार ने उन इलाकों में बिजली, पानी, सड़क, हेल्थ और एजुकेशन जैसी सुविधाएं पहुंचाईं, जहां पर पहले माओवादियों का बोलबाला था. महिला नक्सलियों को स्पेशल ट्रेनिंग, स्वरोजगार और आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे सम्मान के साथ जिंदगी गुजार सकें. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement