बिहार के स्कूलों में जल्द ही नई गीत गुनगुनाए जाएंगे. ''आजा पुकारे बाहें पसारे, पूरब का उपहार है, धर्मों का संगम, कण-कण पावन है, ये देवों का बिहार है..." ये है बिहार की गाथा जो अब बिहार के स्कूलों में प्रतिदिन सुनाई देगी. स्कूली बच्चे अब सुबह-सुबह बिहार की गौरवगाथा और उसके वैभव का गीत गुनगुनाएंगे. टॉपर घोटाला में बिहार की क्षवि धूमिल होने के बाद शिक्षा विभाग का यह एक नया कदम होगा. शिक्षा विभाग ने बिहार के स्कूलों के लिए यह एक नया स्कूली गीत तैयार किया है. इस गीत को फिल्म पीके लव इज वेस्ट ऑफ टाइम गाना के लेखक अमिताभ वर्मा ने लिखा है. इस गीत की रिकार्डिंग हो चुकी है.
सीएम की इजाजत बाकी
दरअसल पिछले तीन-चार महीने से इस गीत को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही थी. स्कूल के इस नए गीत का फर्स्ट कट रिकार्डेड वर्जन तैयार है. बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी की पहल पर इस गीत को तैयार किया गया है. शिक्षा मंत्री के अनुसार जल्द ही इस गीत को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनाया जाएगा. उसके बाद बिहारवासियों की राय के लिए इस गीत को सोशल मीडिया पर जारी किया जाएगा. आम लोगों की राय पर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की गई है जो उसपर विचार करेगी. आम लोगों की पसंद, मुख्यमंत्री की सहमति के बाद यह गीत बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में गाया जाने लगेगा.
बिहार की तहजीब गीत के बोल में
"आजा पुकारे बाहें पसारे, पूरब का उपहार है, धर्मों का संगम , कण-कण पावन है, ये देवों का बिहार है..." यह प्रस्तावित स्कूल गीत का मुखड़ा है. इसके अंतरे में बिहार के महापुरुषों, गंगा-जमुनी तहजीब, विभिन्न धर्मों के उद्गम, बिहार के धरोहरों और प्राचीन शिक्षा केन्द्रों की महत्ता समाहित है. प्रस्तावित गीत लगभग दो मिनट का है. बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि इस गीत में दो अंतरा और जोड़ा जाएगा और उसमें मिथिला और आसपास के महत्वों को समाहित किया जाएगा.
गीत में बिहार की गाथा
2012 में सरकार की ओर से लागू सत्यनारायण द्वारा लिखित राज्यगीत और एम आर चिश्ती की लिखित राज्य प्रार्थना के साथ ही यह गीत सुबह के प्रार्थना सत्र में स्कूल के बच्चे गाएंगे. शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि गीतकार अमिताभ वर्मा के साथ उनकी पत्नी श्रुति अंदिता वर्मा और संगीतकार बापी ने मिलकर इस गीत को तैयार किया है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस स्कूली गीत के माध्यम से बच्चों में छुटपन से बिहारी प्राइड भरने की कारगर कोशिश साबित होगी.