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बिहार: कोरोना से मौत के आंकड़े बदले, पप्पू यादव-कांग्रेस का नीतीश पर निशाना

बिहार सरकार ने 8 जून को जो ऑडिट रिपोर्ट पेश किया है, उसमें कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या में तकरीबन 4000 की अचानक से बढ़ोतरी दिखाई गई है. इसको लेकर विपक्ष, नीतीश सरकार पर हमलावर है.

बिहार में कोरोना से मौत के आंकड़े पर उठ रहे हैं सवाल (फाइल फोटो-PTI) बिहार में कोरोना से मौत के आंकड़े पर उठ रहे हैं सवाल (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सरकार ने मौत के आंकड़े को किया रिवाइज्ड
  • पप्पू यादव ने पूछा- घोटाला कौन कर रहा है?

बिहार में कोरोना से मौत के आंकड़ों की सच्चाई सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. पूर्व सांसद पप्पू यादव के साथ ही बिहार कांग्रेस ने नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में कोविड-19 से मरने वाले लोगों के आंकड़ों के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है. 

पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा, 'बिहार में मौत घोटाला! पटना में कल 1000 से अधिक लोगों की कोरोना से मौत की क्या है सच्चाई? कहा जा रहा है कि पहले मौत के आंकड़ों को छुपाया गया था, अब उन्हें जारी किया गया है, आखिर यह खेल किसका है?स्वास्थ्य विभाग में मौत के आंकड़ों का घोटाला कौन कर रहा है?'

बिहार सरकार ने 8 जून को जो ऑडिट रिपोर्ट पेश किया है, उसमें कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या में तकरीबन 4000 की अचानक से बढ़ोतरी दिखाई गई है. इसको लेकर भी कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया है कि सरकार ने 70 फ़ीसदी मौत के आंकड़े को छिपाया.

कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा किआपदा में अवसर को तलाशना कोई बिहार सरकार से सीखे. बिहार में कोविड-19 से मरने वाले लोगों के आंकड़ों को लेकर सरकार कल तक झूठ बोल रही थी. आखिर क्या वजह है कि सरकार ने 70 फ़ीसदी मौत के आंकड़े को छुपाया? 

प्रेमचंद्र मिश्रा ने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए सवाल खड़े किए कि केवल राजधानी पटना में 7 जून तक सरकार ने बताया कि तकरीबन 1200 लोगों की मौत हुई है, मगर 8 जून को बता दिया कि 2200 लोगों की मौत हुई है. मिश्रा ने बताया कि दाह संस्कार में जितने लोग मरे उन आंकड़ो आंकड़ों को भी सरकार ने छिपाया है और निजी अस्पतालों में भी जितने लोग संक्रमण से मरे उनकी भी संख्या अब तक सामने नहीं आई है.

कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि मौत के आंकड़ों में जो फर्क है यह बात स्पष्ट करता है कि बिहार सरकार पूरी तरीके से भ्रष्ट हो चुकी है और कोविड-19 से हुई मौत को लेकर भी फर्जीवाड़ा कर रही है. कांग्रेस का मानना है कि बिहार में 50000 से भी ज्यादा लोगों की संक्रमण से मौत हुई है मगर सरकार केवल दो-चार हजार ही मौत का आंकड़ा बता रही है. 

कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने अचानक से मौत के आंकड़ों में सरकार द्वारा दिखाई गई बढ़ोतरी पर जांच की मांग उठाई है. प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या को लेकर राज्य सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए. 

क्या है पूरा मामला
दरअसल, बिहार सरकार पर कोरोना से मौत के आंकड़े को छिपाने का आरोप लगा रहा था. 18 मई को ही राज्य सरकार ने कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ों को लेकर जांच कराने का निर्णय लिया था. इसके लिए दो तरह की टीमें बनाई गई थीं, जिनकी जांच रिपोर्ट में ये लापरवाही सामने आई है.

बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए ये जानकारी दी कि अब तक मौतों का जो आंकड़ा 5424 बताया गया था, वो गलत है जबकि असली आंकड़ा 9375 (7 जून तक) है. इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि हम आंकड़े को छिपाना नहीं चाहते हैं, यही वजह है कि जांच कराई और आंकड़े दुरुस्त किए.

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आंकड़ा में कमी में अगर कोई अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो सरकार कार्रवाई करेगी. मंगल पांडेय ने कहा अगर केंद्र के प्रोटोकाल के तहत अगर कोरोना से मृत्यु के मामले सामने आते है तो उसे भी शामिल किया जाएगा यानी संख्या और बढ़ सकती है.

 

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