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कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होगी वैक्सीन! ट्रायल का रिजल्ट पॉजिटिव

यह शुरुआती ट्रायल उन 150 लोगों पर किया गया, जिनका मेलानोमा ट्यूमर सर्जरी से हटा दिया गया था. उन्हें स्कीन कैंसर के लिए तैयार की जा रही इस एक्सपेरिमेंटल वैक्सीन की नौ डोज दी गई. स्टडी में पता चला है कि कैंसर के इलाज के लिए दी जाने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाई Keytruda की तुलना में इससे मौत का खतरा 44 फीसदी कम हुआ है.  

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

सबसे घातक बीमारी समझे जाने वाली कैंसर का इलाज ढूंढने के लिए सफलता मिलती दिख रही है. दुनिया की दो बड़ी दवा निर्माता कंपनियों मॉडर्ना (Moderna) और मर्क (Merck) का कहना है कि कैंसर की वैक्सीन के ट्रायल के पॉजिटिव नतीजे देखने को मिले हैं.

इन कंपनियों ने स्किन कैंसर के मरीजों के लिए वैक्सीन तैयार के लिए पहली बार आरएनए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया. कोरोना की वैक्सीन तैयार करने के लिए भी आरएनए टेक्नोलॉजी कारगर साबित हुई थी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह टेक्नोलॉजी कैंसर जैसी अन्य बीमारियों से निपटने में भी मदद कर सकती है. 

यह शुरुआती ट्रायल उन 150 लोगों पर किया गया, जिनका मेलानोमा ट्यूमर सर्जरी से हटा दिया गया था. उन्हें स्कीन कैंसर के लिए तैयार की जा रही इस एक्सपेरिमेंटल वैक्सीन की नौ डोज दी गई. 

स्टडी में पता चला है कि कैंसर के इलाज के लिए दी जाने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाई Keytruda की तुलना में इससे मौत का खतरा 44 फीसदी कम हुआ है.  

मॉडर्ना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) स्टीफन बैंसल ने कहा कि कैंसर के इलाज के क्षेत्र में आज के नतीजे बहुत अधिक उत्साहवर्द्धक हैं. आरएनए टेक्नोलॉजी कोरोना के लिए कारगर रही है और अब पहली बार हमारी स्टडी से पता चला है कि कैंसर में भी यह कारगर हो सकती है. मॉडर्ना और मर्क जल्द ही इस स्टडी का पूरा लेखा-जोखा जारी करेगा. 

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आरएनए हमारे शरीर में मौजूद सेल के भीतर के मॉलिक्यूल होते हैं, जो शरीर में प्रोटीन बनाने की प्रक्रिया के लिए जरूरी है. मर्क और मॉडर्ना अगले साल तक तीसरे चरण की स्टडी शुरू कर सकते हैं. 

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