नींद हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में कई लोग पूरी नींद नहीं ले पाते हैं. कोई देर रात तक जागता है तो किसी की नींद बार-बार टूटती है. इससे व्यक्ति में थकान, चिड़चिड़ापन और फोकस की कमी जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि हेल्दी रहने के लिए रोज कितनी नींद लेना जरूरी है 7 घंटे या 9 घंटे? रिसर्च बताती है कि नींद की मात्रा और उसकी क्वालिटी दोनों का हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है. अच्छी नींद न सिर्फ दिनभर की थकान दूर करती है, बल्कि मूड बेहतर बनाने और बीमारियों से बचाने में भी अहम भूमिका निभाती है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आम इंसान को रोजाना कितनी नींद लेनी चाहिए.
कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए?
हाल ही में हुई एक रिसर्च और कुछ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर व्यक्ति की नींद की जरूरत अलग-अलग होती है, लेकिन औसतन 7 से 9 घंटे की अच्छी, बिना रुकावट वाली नींद सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है.
डॉ. नरेंदर सिंगला के अनुसार, 'हर व्यक्ति की नींद की जरूरत थोड़ी अलग होती है. कुछ लोगों को 7 घंटे में नींद पूरी हो जाती है तो वहीं कुछ लोगों को पूरी तरह फ्रेश होने के लिए 9 घंटे की नींद चाहिए होती है. आपको कितनी नींद लेनी चाहिए इसमें उम्र भी एक बड़ा फैक्टर है. बुजुर्गों को रोज 7–8 घंटे और युवाओं को 7–9 घंटे की नींद चाहिए होती है.'
'वहीं, सिर्फ नींद का समय नहीं, उसकी क्वालिटी भी मैटर करती है. अगर नींद बार-बार टूटे, स्ट्रेस हो या सोने की जगह कंफर्टेबल न हो तो आपकी नींद पूरी नहीं होती, चाहे आप कितने भी घंटे सो लें. अच्छी नींद से शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं. यह इम्युनिटी को मजबूत करती है, वजन कंट्रोल करने में मदद करती है, याददाश्त बढ़ाती है और मूड को बेहतर रखती है.'
एक अन्य डॉक्टर डॉ. मंजुषा अग्रवाल का कहना है कि कभी-कभार 6 से 7 घंटे की नींद लेना नुकसान नहीं करता, लेकिन अगर रोज ऐसा हो तो इससे फोकस, मूड और इम्युनिटी पर असर पड़ सकता है. वहीं, अगर कोई रोज 9 घंटे से ज्यादा सोता है तो यह किसी हेल्थ प्रॉब्लम का संकेत हो सकता है, जैसे डिप्रेशन या थायरॉइड.'
आखिर में आपको अपने लाइफस्टाइल और जरूरतों के अनुसार देखना होगा कि आपके लिए 7 से 9 घंटे की नींद में कौन-सा समय सबसे सही है. साथ ही कोशिश करें कि नींद गहरी और बिना बार-बार टूटे हो. जब आप नींद का समय और उसकी क्वालिटी दोनों का ध्यान रखते हैं तो आप सुबह ज्यादा तरोताजा, फोकस्ड और एक्टिव महसूस करते हैं और दिनभर आपका मूड अच्छा रहता है.